प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि कोयला खदान आवंटन घोटाले के सिलसिले में उसने सात नए मामले दर्ज किए हैं और इनमें मेसर्स जिंदल स्टील एंड पॉवर लि सहित दो फर्मों के खिलाफ वह मुकदमा चलाने के लिए शिकायत दायर करने की प्रक्रिया में हैं।
ईडी ने पिछले साल जनवरी से इस साल 30 सितंबर की अवधि के लिए न्यायालय में दायर 10वीं स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि उसे पहले सीबीआई से 55 प्राथमिकी मिली थीं और उसने इन सभी में प्रवर्तन प्रकरण सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी।
जस्टिस मदन बी लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस एके सिकरी की तीन सदस्यीय खंडपीठ से ईडी ने कहा, ‘नौवीं स्थिति रिपोर्ट के बाद प्रवर्तन निदेशालय को सीबीआई से सात और प्राथमिकी मिली और उसने इन सात मामलों में ईसीआईआर दर्ज की हैं।’ ईडी ने पीठ को यह भी बताया कि 11 मामलों में उसने अस्थाई कुर्की के आदेश भी दिए हैं।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘पहले की स्थिति रिपोर्ट के बाद से अस्थाई कुर्की के आदेशों की संख्या थोड़ी बढ़ी है। यह भी बताया गया है कि इन मामलों के सिलसिले में जांच प्रगति पर है।’
आदेश में कहा गया है, ‘दो मामलों (मेसर्स एएमआर आयरन एंड स्टील प्रा. लि. और मेसर्स नव भारत पॉवर प्रा. लि.) में मुकदमा चलाने की शिकायत दायर की जा चुकी है। मेसर्स जिंदल स्टील एंड पॉवर लि. और ग्रेस इंडस्ट्रीज लि. के मामले में मुकदमा चलाने की शिकायत दायर करने की प्रक्रिया चल रही है।’
निदेशालय ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया कि मेसर्स कमल स्पांज एंड पॉवर लि. के मामले में जांच जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को अगली स्थिति रिपोर्ट चार दिसंबर से पहले दाखिल करने का निर्देश दिया है।