कतर सरकार के कानूनी अनुरोध पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक भारतीय नागरिक की 88 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की गई है। भारतीय नागरिक सुब्रह्मण्यम श्रीनिवास पिनिन्ति कतर में एक अग्रणी रिटेल स्टोर चेन में काम करता है।
ईडी ने शुक्रवार को बताया कि 15 जून को सुब्रह्मण्यम के आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम के नजदीक सीताम्माधरा स्थित आवास पर छापा भी मारा। वह कतर के दोहा में अल मीरा कंज्यूमर गुड्स कंपनी में बॉयर्स विभाग के प्रमुख हैं। समूह की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह कंपनी 2005 में बनाई गई थी और कतर में इसकी 50 से अधिक ब्रांच हैं।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि जांच में पाया गया कि पिनिन्ति ने अपने दोहा नेशनल बैंक खाते से भारत स्थित एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में पैसे भेजे। पैसों का यह हस्तांतरण संदिग्ध था।
जांच में पता चला कि उसने दोहा से भेजे गए पैसों में से 45 लाख रुपये का विभिन्न म्यूचुअल फंड में निवेश किया गया। यह निवेश उसने अपने और पत्नी के नाम पर किया था। साथ ही उसने विजयनगरम और विशाखापट्टनम में अपने नाम पर तीन आवासीय प्लाट खरीदे। तीन तीनों प्लाट की बाजार में कीमत करीब 43 लाख रुपये है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत पिनिन्ति के खिलाफ फ्रीजिंग आदेश जारी किया गया था। कतर में सात लाख से अधिक भारतीय रहते हैं।