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ED: अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के जरिए धोखाधड़ी, 2300 करोड़ की आपराधिक आय, दुबई में खरीदी संपत्तियां

Mon, 23 Feb 2026 06:47 PM IST
संध्या डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने 2300 करोड़ रुपये की आपराधिक आय एकत्रित की। इसके बाद दुबई में संपत्तियां खरीदी गई व क्रिप्टो में भी पैसा लगाया गया। ईडी ने इस मामले की जांच के लिए कई राज्यों में 60 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। 
 
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने 2300 करोड़ रुपये की आपराधिक आय एकत्रित की। इसके बाद दुबई में संपत्तियां खरीदी गई व क्रिप्टो में भी पैसा लगाया गया। ईडी ने इस मामले की जांच के लिए कई राज्यों में 60 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। रेड के दौरान नकदी, सोने की सिल्लियां, आभूषण, वाहन, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। 
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने 20 फरवरी को पृथ्वी एन राज, केसी थिप्पेस्वामी, मेसर्स फोनेपैसा पेमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, गुलशन खट्टर, मेसर्स पप्पीज टूर्स एंड ट्रेवल्स एलएलपी, अर्जुन नागभूषण, अभिजीत सज्जन और मेसर्स लॉजिकफोर्ज सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एक पूरक अभियोग शिकायत दर्ज की है। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों से संबंधित इस मामले केसी वीरेंद्र, मुख्य आरोपी है। 

विभिन्न राज्यों में पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस केस की जांच शुरू की थी। यह मामला, पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है। ये एफआईआर किंग567, प्ले567, प्लेविन567, गेमएक्सच और अन्य संबंधित प्लेटफार्मों सहित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के माध्यम से आम जनता के साथ धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और जबरन वसूली से संबंधित हैं। 
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जांच में विभिन्न भुगतान गेटवे, फर्जी खातों, विदेशी संस्थाओं और आभासी डिजिटल संपत्तियों के माध्यम से धन के लेन-देन और बाहरी प्रेषण का पता चला है। इससे पहले, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत कर्नाटक और अन्य राज्यों में 60 जगहों पर रेड की गई थी। इससे पहले, ईडी ने केसी वीरेंद्र को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। गत वर्ष 18 अक्तूबर को अतिरिक्त नगर सिविल एवं सत्र न्यायाधीश, बेंगलुरु शहर के न्यायालय में केसी वीरेंद्र के खिलाफ अभियोग दायर किया गया था। 

इसके अलावा, पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत दिनांक 29.01.2026 के अनंतिम कुर्की आदेश संख्या 05/2026 के माध्यम से केसी वीरेंद्र और अन्य आरोपियों की लगभग 177.30 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया। इसके साथ ही, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत इस मामले में 320 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क/जब्त कर ली है। 

जांच के दौरान, अब तक 2300 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की आय की पहचान की गई है। यह अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों के माध्यम से अर्जित की गई थी। बाद में कई स्तरों के लेनदेन के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने भारत के बाहर, विशेषकर दुबई में, पहचान के आधार पर संपत्ति अर्जित की थी। क्रिप्टो संपत्तियों में कई लेनदेन भी किए गए थे।
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