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ED: नाल्को के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व सीएमडी व उनकी पत्नी दोषी; बैंक लॉकर से मिला सोना, नगदी

Mon, 21 Jul 2025 07:30 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) के पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अभय कुमार श्रीवास्तव, भूषण लाई बजाज, चांदनी श्रीवास्तव पत्नी अभय कुमार श्रीवास्तव और अनीता बजाज पत्नी भूषण लाई बजाज से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषसिद्धि हासिल की है।
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ईडी की कार्रवाई - फोटो : ANI
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) के पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अभय कुमार श्रीवास्तव, भूषण लाई बजाज, चांदनी श्रीवास्तव पत्नी अभय कुमार श्रीवास्तव और अनीता बजाज पत्नी भूषण लाई बजाज से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषसिद्धि हासिल की है। यह दोषसिद्धि  विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट), सीबीआई-21, राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत सुनाई गई।

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ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत अभय कुमार श्रीवास्तव और अन्य के खिलाफ अवैध रिश्वत लेने के संबंध में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। बजाज ने भाटिया ग्रुप ऑफ कंपनीज के जीएस भाटिया से अनुचित आधिकारिक लाभ पहुँचाने के बदले रिश्वत लेने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। आरोपी चांदनी श्रीवास्तव ने अनीता बजाज के जाली पहचान पत्रों और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके, उनके नाम पर बैंक खाता और लॉकर खुलवाया। बाद में, सीबीआई ने उक्त लॉकर से सोने की छड़ें और नकदी सहित चल संपत्ति जब्त की।

पीएमएलए, 2002 के तहत जाँच के दौरान, ईडी ने अभय श्रीवास्तव की 2,23,31,150/- रुपये मूल्य की चल संपत्ति कुर्क की गई। अभय कुमार श्रीवास्तव, भूषण लाल बजाज, चांदनी श्रीवास्तव और अनीता बजाज के खिलाफ विशेष न्यायालय (पीएमएलए), राउज़ एवेन्यू कोर्ट, दिल्ली में 31 मार्च 2015 को अभियोजन शिकायत दर्ज की गई।
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निर्णय में मुख्य निष्कर्ष:
—अपराध की आय की स्थापना (पीओसी): ईडी ने सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया कि नाल्को द्वारा जारी कोयला आपूर्ति निविदा के संबंध में अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा भूषण लाल बजाज के माध्यम से अवैध भुगतान स्वीकार करने पर अवैध परितोषण उत्पन्न हुआ था।

—आय को स्तरीकृत करना और छिपाना: अवैध धन को स्तरीकृत किया गया और सोने की छड़ों की खरीद के माध्यम से छिपाया गया, जिन्हें एक बैंक लॉकर में संग्रहीत किया गया था।

—धन शोधन की कार्यप्रणाली: अदालत ने अभियुक्तों द्वारा अपनाई गई जटिल कार्यप्रणाली को स्वीकार किया। धन शोधन प्रक्रिया में अनीता बजाज के नाम से एक बेनामी बैंक लॉकर का उपयोग शामिल था, जिसे चांदनी श्रीवास्तव ने जाली पहचान दस्तावेजों और छद्मवेश का उपयोग करके खोला और संचालित किया।

—अदालत ने इस वैधानिक धारणा को स्वीकार किया कि पीओसी धन शोधन में संलिप्त थे और अभियुक्तों ने इसके विपरीत साबित करने का भार नहीं उठाया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक निर्णय प्रवर्तन निदेशालय द्वारा चलाए गए एक सशक्त और व्यापक अभियोजन के बाद आया है। अदालत ने अपने विस्तृत निर्णय में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रस्तुत तर्कों को सही ठहराया और आपराधिक गतिविधि और अवैध पीओसी के धन शोधन के स्पष्ट पैटर्न की पुष्टि की। प्रवर्तन निदेशालय, अवैध वित्तीय प्रवाह पर नज़र रखने और पीओसी के धन शोधन में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराता है। यह दोषसिद्धि पीएमएलए की प्रभावशीलता और आर्थिक अपराधों से निपटने में प्रवर्तन निदेशालय के दृढ़ संकल्प की पुष्टि करती है।

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