जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह (फाइल फोटो)
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की जमानत याचिका को खारिज करने की मांग की है। मनी लांड्रिंग मामले में शब्बीर शाह 26 जुलाई 2017 से हिरासत में है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की है।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसके अरोड़ा के समक्ष शाह की जमानत याचिका पर ईडी ने कहा कि यह मामला आतंकी फंडिंग से जुड़ा है और शाह एक रसूखदार नेता है। जमानत मिलने के बाद वह सुनवाई को प्रभावित कर सकता है। उसके देश से भाग जाने की भी आशंका है।
एजेंसी ने शब्बीर शाह से पूछताछ के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर असलम वानी को गिरफ्तार किया था। ईडी ने वानी व शब्बीर शाह के खिलाफ सितंबर 2017 में आरोप पत्र दाखिल किया था। शब्बीर शाह की ओर से जमानत पर जिरह करते हुए अधिवक्ता एमएस खान ने कहा कि इस मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई शुरू हो चुकी है।
शब्बीर शाह इस मामले में करीब 22 माह से हिरासत में है। मामले में सह-आरोपी असलम वानी को हाईकोर्ट से जनवरी 2018 में जमानत मिल चुकी है। शब्बीर शाह के भाग जाने या उसके द्वारा किसी गवाह को प्रभावित करने की कोई आशंका नहीं है। इन हालात में शब्बीर शाह को हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है।