प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान की चिटफंड योजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2.80 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। अभिनव गोल्ड इंटरनेशनल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के और उसके निदेशकों की संपत्ति अटैच करने के लिए अनंतिम आदेश जारी हुआ था।
ईडी के मुताबिक अटैच संपत्तियों में 29 मकान और भीलवाड़ा में कृषि भूमि के अलावा जेवरात शामिल हैं। इसकी कीमत 2.80 करोड़ रुपये हैं। ईडी ने कंपनी के निदेशक अनिल बिरला और मुरलीधर बिरला के खिलाफ राजस्थान व गुजरात पुलिस की अपराध शाखा की 15 एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की है।
जांच में ईडी ने पाया कि अनिल, मुरलीधर व अन्य लोगों ने मार्च 2010 से 2012 के बीच लोगों को दोगुने रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपये इकट्ठा किए। बाद में लोगों को चेक से मामूली रकम दी गई।
आरोप है कि निवेशकों का धन अभिनव गोल्ड इंटरनेशनल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के बैंक खातों में जमा किया गया। इस राशि से कई चल व अचल संपत्तियां खरीदी गईं जिन्हें अब ईडी ने अटैच किया है।