प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को धन शोधन के एक बड़े मामले में मिजोरम-म्यांमार सीमा, त्रिपुरा-बांग्लादेश सीमा और पश्चिम बंगाल में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की आइजोल सब-जोनल कार्यालय की कई टीमों ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत सुबह-सुबह यह कार्रवाई शुरू की, जो अभी भी जारी है।
क्या है मामला?
यह मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा 21 अगस्त 2025 को त्रिपुरा में 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 40 ग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि म्यांमार से मिजोरम के चंफाई और जोखावथर सेक्टर के रास्ते मेथामफेटामाइन की तस्करी कर इसे त्रिपुरा तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद अवैध कमाई को कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के जरिए छिपाने की कोशिश की जाती थी।
ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में एक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो भारत-म्यांमार और भारत-बांग्लादेश सीमाओं का इस्तेमाल कर रहा था। ईडी ने अब तक इस मामले में 142 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित संपत्ति (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) की पहचान की है। मामले में शामिल संदिग्धों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है।