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केरल: पीएफआई के नेताओं के चार परिसरों पर छापेमारी, विदेशी फंडिंग और विदेशों में संपत्ति से जुड़े सबूत ज़ब्त

Sat, 11 Dec 2021 05:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और विदेशी फंडिंग और विदेशों में संपत्ति से जुड़े सबूत ज़ब्त किए गए है। प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : social media
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय ने आठ दिसंबर को केरल में पीएफआई के नेताओं से संबंधित चार परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान परिसर की तलाशी ली गई। तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और विदेशी फंडिंग और विदेशों में संपत्ति से जुड़े सबूत ज़ब्त किए गए है। प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

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समाचार एजेंसी के मुताबिक, आठ दिसंबर को कन्नूर के पेरिंगाथुर में पीएफआई और एसडीपीआई सदस्य शफीक पायथ और मलप्पुरम में पीएफआई के पेरुम्पडप्पू के मंडल अध्यक्ष अब्दुल रजाक बीपी के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई। इनके अलावा एर्नाकुलम के मुवत्तापुझा में पीएफआई के अशरफ एमके, तमर अशरफ और अशरफ खादर के आवासीय परिसरों पर भी तलाशी ली गई। मनकुलम में मुन्नार विला विस्टा परियोजना के कार्यालय में भी छापेमारी की गई।

समाचार एजेंसी के एएनआई के मुताबिक, जब्त किए गए दस्तावेज केरल में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पीएफआई की मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के बारे में भी संकेत देते हैं। इसमें मुन्नार विला विस्टा परियोजना भी शामिल है।

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आंध्रप्रदेश: रिश्वत मामले में जीएसटी अधीक्षक गिरफ्तार

सीबीआई - फोटो : social media
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में जीएसटी अधीक्षक को एक व्यापारी से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान जॉन मोसेस के रूप में हुई है। सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि 10 दिसंबर को उन्हें एक सराफा कारोबारी जी नागेश्वर राव से शिकायत मिली। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी दुकान के जीएसटी पंजीकरण के लिए मोसेस ने 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। असमर्थतता जताने पर  मोसेस ने उन्हें कार्यालय आकर मिलने को कहा था। परेशान राव शिकायत लेकर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के इंस्पेक्टर रवि बाबू से मिले। उसके बाद मोसेस ने उन्हें 8000 रुपये देने को कहा था। बाद में रवि बाबू के कहने पर ही राव ने सीबीआई से इसकी शिकायत की थी।
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