प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने पात्रा चॉल घोटाले में पर्दे के पीछे रहकर अहम भूमिका निभाई है। ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में जवाब दाखिल कराते हुए संजय राउत की जमानत अर्जी का विरोध किया और कहा कि राउत पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसके पास पर्याप्त सुबूत है।
जांच एजेंसी ने कहा, 15 सितंबर को संजय राउत के खिलाफ एक पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज कराई थी। ईडी के जवाब में यह भी कहा गया कि राउत के खिलाफ अभियोजन की पहली शिकायत 1 अप्रैल, 2022 को दर्ज की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने संजय राउत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए संजय राउत पर कई आरोप लगाए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा, 15 सितंबर, 2022 को दायर पूरक चार्जशीट में राउत के प्रॉक्सी और करीबी सहयोगी प्रवीण राउत (सह-आरोपी) के जरिये अपराध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया है।
हालांकि, संजय राउत ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि यह उनके खिलाफ लिया जा रहा राजनीतिक प्रतिशोध है। वहीं, ईडी ने राउत की इस दलील को खारिज किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई किसी भी तरह का राजनीतिक बदला नहीं है।