प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को गुजरात में कई स्थानों पर छापे मारे। छापेमारी राज्य में कुछ वक्फ संपत्तियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने सलीम खान जुम्मा खान पठान, मोहम्मद यासर अब्दुलहमिया शेख, महमूद खान जुम्मा खान पठान, फेजमोहम्मद पीर मोहम्मद चोबदार और साहिद अहमद याकूभाई शेख के खिलाफ अहमदाबाद पुलिस की एफआईआर का संज्ञान लिया और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।
20 अप्रैल को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था
पुलिस ने घोटाले के सिलसिले में 20 अप्रैल को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। सहायक पुलिस आयुक्त वाणी दुधात ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने मामले का संज्ञान लिया और मुख्य आरोपी सलीम जुम्माखान पठान और अन्य से जुड़ी नौ संपत्तियों पर छापेमारी की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि ईडी के अनुरोध के अनुसार हमने तलाशी लेने के लिए 78 पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए हैं।
कांच नी मस्जिद ट्रस्ट और शाह बड़ा कसम ट्रस्ट से जुड़ा है मामला
गायकवाड़ हवेली पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, आरोपियों ने कांच नी मस्जिद ट्रस्ट और शाह बड़ा कसम ट्रस्ट की जमीन पर लगभग 100 घरों और दुकानों से किराया वसूला। दोनों ट्रस्ट गुजरात वक्फ बोर्ड में पंजीकृत हैं। 2008 से 2025 के बीच पठान और अन्य ने कथित तौर पर दोनों ट्रस्टों से संबंधित 5,000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध निर्माण किया। लगभग 100 संपत्तियां (घर और दुकानें) बनाईं और किराया वसूला। चार अन्य आरोपियों की पहचान मोहम्मद यासर शेख, महमूदखान पठान, फैज मोहम्मद चोबदार और शाहिद अहमद शेख के रूप में हुई है। सलीम जुम्माखान पठान एक हिस्ट्रीशीटर है और उस पर आर्म्स एक्ट के तहत एक सहित पांच मामले दर्ज हैं।
आरोपियों में से कोई भी किसी वक्फ या ट्रस्ट का सदस्य नहीं
कांच नी मस्जिद ट्रस्ट की जमीन पर बनी संपत्तियों के किराएदार मोहम्मद रफीक अंसारी ने बताया कि आरोपियों में से कोई भी किसी वक्फ या ट्रस्ट का सदस्य नहीं है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने किराया वसूलने के अलावा शाह बड़ा कसम ट्रस्ट के दान पेटी में जमा पैसे भी अपने नाम कर लिए। आरोपी ने कथित तौर पर कांच नी मस्जिद ट्रस्ट की जमीन पर 15 दुकानें बनवाईं, जिसे अहमदाबाद नगर निगम को उर्दू स्कूल के लिए आवंटित किया गया था।