प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 10 जुलाई को क्योंझर और भुवनेश्वर में नौ स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान सौम्य शंकर चक्र उर्फ राजा चक्र और उनकी संबंधित संस्थाओं के आवासीय एवं कार्यालय परिसरों में तलाशी ली गई। यह कार्रवाई गंधमर्दन लोडिंग एजेंसी एंड ट्रांसपोर्टिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, क्योंझर से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन के गबन की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। हालांकि सोसाइटी की स्थापना ओएमसी खदानों से लौह अयस्क के परिवहन के माध्यम से अपने सदस्यों का समर्थन करने के लिए की गई थी, लेकिन कथित तौर पर इसे सोसाइटी के पदाधिकारियों की मिलीभगत से चक्र द्वारा धन की हेराफेरी के लिए एक मोर्चे में बदल दिया गया था।
ईडी के अनुसार, यद्यपि चक्र सोसायटी का पदाधिकारी नहीं था, लेकिन जांच से पता चला है कि वह सोसायटी पर अत्यधिक प्रभाव रखता था और सोसायटी के दिन-प्रतिदिन के निर्णयों को नियंत्रित करता था। तलाशी के दौरान चक्र और उनकी बेनामी संस्थाओं के स्वामित्व वाले अवैध खनन और परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लगभग 50 वाहनों की पहचान की गई है। इनकी पंजीकरण संख्या '21' पर समाप्त होती है। ये वाहन अपराध की आय (पीओसी) का उपयोग करके खरीदे गए। इतना ही नहीं, आगे भी पीओसी बनाने में इनका उपयोग किया गया।
ईडी, राजा चक्र के शराब व्यवसाय में अवैध धन के हेरफेर की भी जांच कर रही है, जिसका लाइसेंस उनकी पत्नी रूपाली पटनायक के नाम पर है। तलाशी के दौरान पता चला है कि शराब की दुकान चलाने का लाइसेंस रूपाली पटनायक के नाम पर होने के बावजूद, शराब की बिक्री का भुगतान परिवार के अन्य सदस्यों के खातों में प्राप्त हुआ था। तलाशी के दौरान, चक्र से संबंधित कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।