ED Action In Goa: प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को बताया कि उसने गोवा में जमीन हड़पने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 193 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां जब्त की हैं। जहां धोखेबाजों ने मृत व्यक्तियों के नाम पर जाली दस्तावेज बनाकर राज्य में प्रमुख भूखंड बेचे थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा में जमीन हड़पने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 193.49 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई गोवा पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की गई है, जिसमें कई लोगों पर जालसाजी और धोखाधड़ी से जमीन हड़पने के आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
मृत और पूर्वजों के नाम पर बनाए नकली दस्तावेज
ईडी ने बताया कि आरोपियों ने मृत व्यक्तियों या उनके पूर्वजों के नाम पर सभी नकली दस्तावेज तैयार किए और फिर इन दस्तावेजों के जरिए सरकारी जमीन रिकॉर्ड में अपने या अपने साथियों के नाम दर्ज करवा दिए।
प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में कुर्की का आदेश
बाद में इन जमीनों को तीसरे लोगों को बेचकर पैसे कमाए गए या फर्जी बिक्री दस्तावेजों के जरिए साथियों को ट्रांसफर कर दिया गया, जिसमें असली भुगतान नहीं किया गया। ईडी ने 25 अप्रैल को 24 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया, जो बार्देज तालुका के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों जैसे कालांगुट, असगांव, अंजुना, नेरुल और पाररा इलाके में मौजूद हैं।
अब तक कुल 232 करोड़ की संपत्ति कुर्क
इस केस में अब तक कुल 232.73 करोड़ रुपये की संपत्तियां ईडी की तरफ से कुर्क की जा चुकी हैं। जिसमें पिछले साल ईडी ने 39.24 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी। जबकि एजेंसी ने अप्रैल 2023 में इस मामले में मापुसा की विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला गोवा पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की तरफ से राज्य में जमीन की धोखाधड़ी और अवैध अधिग्रहण के मामले में दर्ज की गई एफआईआर से उपजा है, जिसमें जालसाजी, धोखाधड़ी और अचल संपत्तियों को हड़पने में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।