प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोएडा ‘बाइक बोट’ पोंजी योजना मामले में 103 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह कार्रवाई इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत 101.45 करोड़ की कीमत की 26 अचल संपत्तियां और 22 खातों में जमा 2.28 करोड़ रुपये अटैच किए।
ग्रेटर नोएडा स्थित बाइक बोट टैक्सी सर्विस पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा हरियाणा समेत कई राज्यों में 2.25 लाख निवेशकों से 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। अटैच की गई अचल संपत्तियों में से 19 गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, कानपुर और इंदौर में कंपनी के नाम पर हैं जबकि सात अन्य संपत्तियां थर्ड पार्टी के नाम पर हैं।
ईडी के संयुक्त निदेशक (लखनऊ जोन) राजेश्वर सिंह ने कहा कि कुछ अधिकारियों और लाभार्थियों के खिलाफ जांच जारी है और इस मामले में जल्द ही और अटैच की कार्रवाई होगी। ईडी ने गर्वित इनोवेटिव प्रोमोटर्स लिमिटेड और इसके प्रमोटर संजय भाटी और अन्य के खिलाफ पिछले साल जून में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था।
यह मामला नोएडा पुलिस की कई एफआरआई के आधार पर दर्ज किया गया था। पुलिस ने संजय भाटी समेत कंपनी के 12 से अधिक अधिकारियों को जेल भेज दिया है। मामले में वांछित कुछ लोग फरार हैं।