प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के मानेसर में अवैध भूमि अधिग्रहण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 280 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की है।
ईडी के मुताबिक, यह जमीन साल 2004 से 2007 के बीच सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत के जरिये ली गई थी। ईडी ने कहा कि इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
ईडी ने बताया कि अटैच की गई संपत्तियों में 54 फीसदी हिस्सा अतुल बंसल की डव इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और उनकी समूह की कंपनियों के नाम पर फरीदाबाद में है। इसकी कीमत 108.86 करोड़ रुपये है।
वहीं बंसल की ही कंपनी सीरियैटिम लैंड एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड के बिजनेस बे प्रोजेक्ट का 50 फीसदी हिस्सा भी अटैच किया गया है। इसकी कीमत 78.09 करोड़ रुपये है। एंगलीक इंटरनेशनल लिमिटेड के 3.39 करोड़ की कीमत के फ्लैट और फिक्स्ड डिपोजिट और एचएसआईआईडीसी से गुरुनानक इंफ्रास्ट्रक्चर्स डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को मिला 25.53 करोड़ रुपये का रिफंड भी अटैच के दायरे में शामिल है।
इसके अलावा ईडी ने फ्रंटियर होम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की 29.48 करोड़ रुपये की करीब 19 एकड़ जमीन, इसी कंपनी के 22.72 करोड़ रुपये कीमत के 20 फ्लैट और ललित मोदी की बेहरोर व नीमराना में 13.31 करोड़ रुपये की 95.09 बीघा कृषि भूमि को भी अटैच किया है।
ईडी ने पिछले साल दाखिल की थी नई चार्जशीट
जांच एजेंसी ने पिछले साल अतुल बंसल, उनकी कंपनी एबीडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, बंसल की पत्नी सोना बंसल, महामाया एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, शशिकांत चौरसिया, दिलीप लालवाणी, वरिंदर उप्पल, विजय उप्पल, विनय उप्पल, रविंदर तनेजा, टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, विस्डम रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड और एबी रेपकांस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ नए आरोपपत्र दायर दाखिल किए थे। इस मामले में अब तक एक प्रारंभिक और दो पूरक आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं।