प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान में सहकारी समिति के गबन मामले में 366 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि यह कार्रवाई धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत की गई है। समिति ने करीब 20 लाख लोगों को ठगा है।
आदर्श समूह द्वारा 20 लाख निवेशकों से ठगी का मामला, संपत्तियां राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में हैं
अटैच की गई संपत्तियां आदर्श समूह की कंपनियों/फर्मों, एलएलपी (सीमित देयता भागीदारी), रिद्धि सिद्धि समूह की कंपनियां/फर्मों, एओपी (व्यक्तियों के संगठन) और अन्य से जुड़ी हैं। ईडी ने बताया कि ये संपत्तियां राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में स्थित कृषि, आवासीय एवं व्यावसायिक भूमि पार्सलों तथा सावधि जमा (एफडी) एवं बैंक बैलेंस के रूप में हैं।
पीएमएलए के तहत अटैच संपत्तियों की कुल कीमत 365.94 करोड़ रुपये है। यह मामला आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एसीसीएसएल) और इसके प्रवर्तकों मुकेश मोदी, राहुल मोदी और अन्य के खिलाफ दर्ज राजस्थान पुलिस विशेष अभियान समूह (एसओजी) की प्राथमिकी के संज्ञान लेने से जुड़ा हुआ है।
ईडी का आरोप है कि मुकेश मोदी ने अपने रिश्तेदार वीरेंद्र मोदी, राहुल मोदी, रोहित मोदी और समिति के अधिकारियों सहित अन्य सहयोगियों के साथ साठगांठ कर एसीसीएसएल से जमाकर्ताओं के पैसों का आपस में जुड़े फर्जी लेनदेन के जरिए हेरफेर किया।
मुकेश, उनके रिश्तेदारों तथा सहयोगियों ने फर्जी ऋण लेने के जरिए एसीसीएसएल से पैसा निकालकर अपने रियल एस्टेट कारोबार में लगाने के लिए कई कंपनियों/फर्मों/एलएलपी को शामिल किया।
एजेंसी का दावा है कि इन लोगों ने अपने परिजनों और कंपनियों द्वारा फर्मों के नाम पर वेतन, इनसेंटिव और कमीशन के जरिए बड़ी धनराशि अपने खातों में पहुंचाई। मुकेश और अन्य की हरकतों से समिति को तगड़ा नुकसान हुआ और 20 लाख निवेशकों की जीवनभर की जमा पूंजी डूब गई।
ईडी ने इसी मामले में अक्तूबर, 2019 में 1,489.03 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं। एजेंसी ने पिछले साल इन संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया था और इस साल मार्च में 124 आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष एक आरोप-पत्र भी दायर किया।