ईडी के बयान जारी कर बताया कि सहगल हुसैन तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल के करीबी विश्वासपात्र हैं और पूरे तस्करी रैकेट के प्रमुख सदस्यों में से एक हैं, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के पार मवेशियों की तस्करी करते थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल के करीबी सहयोगी सहगल हुसैन के कई ठिकानों पर छापा मारकर 1.59 करोड़ रुपये की 32 संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया। ये संपत्तियां सहगल हुसैन और उनके परिवार के सदस्यों की थीं।
विज्ञापन
ईडी के बयान जारी कर बताया कि सहगल हुसैन तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल के करीबी विश्वासपात्र हैं और पूरे तस्करी रैकेट के प्रमुख सदस्यों में से एक हैं, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के पार मवेशियों की तस्करी करते थे।
ईडी ने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) -36 बटालियन के तत्कालीन कमांडेंट सतीश कुमार इनामुल हक, अनारुल एसके, गुलाम मुस्तफा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी के आधार पर मामला शुरू किया था। ईडी ने प्राथमिकी के आधार पर 25 सितंबर, 2020 को पीएमएलए मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
इनामुल हक, सतीश कुमार और सहगल हुसैन को ईडी ने इस मामले में गिरफ्तार किया था और फिलहाल दिल्ली में न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में दो अभियोजन शिकायतें (पीसी) भी दायर की गई हैं और दोनों पीसी का संज्ञान एलडी पीएमएलए विशेष न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा लिया गया है। ईडी ने कुल मिलाकर 20.25 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इस मामले में अब तक अपराध की कुल आय 29.43 करोड़ रुपये आंकी गई है।