बंगलूरू पोंजी घोटाला (फाइल फोटो)
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प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने कर्नाटक के कथित आईएमए समूह पोंजी घोटाले की मनी लांड्रिंग जांच में 20 अचल संपत्तियों और बैंक जमाओं सहित 209 करोड़ रुपये की संपत्ति को संलग्न किया है। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि उसके बंगलूरू कार्यालय ने 197 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और बैंक खातों में लगभग 12 करोड़ रुपये की जमा राशि की कुर्की के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आदेश जारी किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में आईएमए कंपनियों के समूह और इसके फरार मुख्य प्रमोटर और प्रबंध निदेशक मोहम्मद मंसूर खान के खिलाफ मनी लांड्रिंग का एक आपराधिक मामला दर्ज किया था, रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने लगभग 40,000 निवेशकों के करोड़ों के निवेश का घोटाला किया है।
ईडी ने कहा कि 51 बैंक खातों में 98 लाख रुपये जमा किए गए, 11 करोड़ रुपये एचडीएफसी बैंक खाते में रखे गए, जो कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत चालू थे। पीएमजीकेवाई की घोषणा 2016 में मोदी सरकार द्वारा की गई थी।