प्रवर्तन निदेशालय ने अहमदाबाद पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में पेंटियम इन्फोटेक लिमिटेड और हीराक बायोटेक लिमिटेड के निदेशक निकिता बलदेवभाई दवे को गिरफ्तार किया है।
निकिता बलदेवभाई दवे की गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम के तहत की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि आरोपी को पूछताछ के लिए चार दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह जांच गुजरात के गांधीनगर के एक थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। आरोप लगाया गया था कि प्रतीक आर शाह और निकिता बलदेव भाई दवे जो पेंटियम इन्फोटेक लिमिटेड और हीराक बायोटेक लिमिटेड में निदेशक है उन्होंने अहमदाबाद पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक के साथ 25 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की थी।
एफआईआर के मुताबिक इन आरोपियों ने अहमदाबाद पीपुल्स कॉपरेटिव बैंक में फिक्स डिपाजिट के खिलाफ ओवरड्राफ्ट खाते (एफडीडीओ) खोले हैं। ये खाते आरोपियों की कंपनी के विभिन्न कर्मचारियों के नाम पर खोले गए थे। इन खातों में करोड़ों से ज्यादा की रकम बतौर लोन ली गई थी।
अधिकारी के कहा कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में प्रस्ताव पास कर लेने और अहम मामलों की जिम्मेदारी निकिता दवे के पास थी। दवे ने बिना किसी सूचना के कंपनी की जमीन अन्य लोगों को बेच दी।
ईडी अधिकारी ने बताया कि बैंक को बताए बिना जमीन की बिक्री नहीं की जा सकती थी। लेकिन सभी नियम कानूनों को ताक पर रख जमीनों की बिक्री की गई।