केंद्रीय एजेंसी ने बृहस्पतिवार को बताया कि कर्नाटक स्थित एक सहकारी समिति के निदेशक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि निदेशक एन नंजुंदैया को एजेंसी ने बुधवार को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था और बृहस्पतिवार को उसे बंगलूरू की एक विशेष अदालत द्वारा 1 सितंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।
बताया गया कि नंजुंदैया श्री कण्व सौहरदा को-ऑपरेटिव क्रेडिट लिमिटेड के निदेशक हैं और उसे फंड के गबन मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।
नंजुंदैया के खिलाफ बंगलूरू पुलिस द्वारा दर्ज की गई तीन एफआईआर के बाद पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया है। नंजुंदैया उक्त सोसाइटी में हुई धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड है और उसने 180 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को कण्व समूह की कंपनी में भेज दिया था जहां वह खुद एक निदेशक था।
ईडी ने यहां जारी एक बयान में कहा, 'इसके अलावा, समाज के संदिग्ध सदस्यों को भारी राशि के ऋण को उचित जांच और सुरक्षा के बिना मंजूर किया गया, जिससे सोसाइटी और उसके सदस्यों को भारी नुकसान हुआ।'