शराब कारोबारी विजय माल्या की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई और ईडी की टीम लंदन कोर्ट में और सबूत पेश करेगी। माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिशों के तहत प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई की एक संयुक्त टीम लंदन में अभियोजकों को इस मामले की जानकारी देगी और नए साक्ष्य प्रस्तुत करेगी। अधिकारियों ने यह बात कही है।
माल्या प्रकरण की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी लंदन में उस चार्जशीट की कापी भी जमा करेंगे जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले महीने मुंबई में फाइल किया है। भारतीय जांचकर्ता क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के अधिकारियों को ईडी की चार्जशीट की सामग्री और इसमें दिए गए साक्ष्यों के बारे में भी बताएंगे।
सीपीएस इस मामले में भारतीय सरकार की ओर से अदालत में बहस करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी के कानूनी सलाहकार माल्या के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इसके अलावा ताजा साक्ष्यों, ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्ति और प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत फाइल की गई चार्जशीट के दूसरे कानूनी मुद्दों के बारे में भी बताएंगे।
कुल लेनदेन और शैल कंपनियों की भूमिका को लेकर ईडी को फ्रांस, सिंगापुर, मॉरिशस, आयरलैंड, अमेरिका और यूएई जैसे देशों से सहयोग की दरकार है। ईडी की चार्जशीट में नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस सूची में विजय माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस, यूनाइटेड ब्रेवरेज (होल्डिंग) लिमिटेड, अब सेवा नहीं दे रही किंगफिशर एयरलाइंस के वरिष्ठ कर्मचारी और एक्जीक्यूटिव और आईडीबीआई बैंक के नाम बतौर आरोपी शामिल हैं।
ईडी ने माल्या को अपनी में इस पूरे गड़बड़झाले का मुख्य किरदार बताया है। इसमें कहा गया है कि कैसे बैंक लोन के रूप में लिए गए कर्ज को अवैध तरीके खपाया गया। इस पैसे को विदेश में फार्मूला-1 रेस के लिए भी डायवर्ट किया गया। किंगफिशर एयरलाइंस के नाम पर 9,000 करोड़ रुपये का लोन लेने के मामले में माल्या भारत में वांछित है। वह मार्च 2016 से ब्रिटेन में रह रहा है और उसे प्रर्त्यपण वारंट मामले में अप्रैल 2018 में भी गिरफ्तार किया गया था।