सार
ईडी ने तमिलनाडु मंत्री आई पेरियासामी और उनके परिवार के घर व कंपनियों पर छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति और निवेश दस्तावेज जब्त किए। मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है, जिसमें उन पर करीब 2 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप है। पहले विशेष अदालत ने उन्हें बरी किया था, लेकिन मद्रास हाई कोर्ट ने आदेश पलट दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाई है। द्रमुक ने इसे भाजपा की “वोट चोरी” रणनीति से जोड़कर हमला किया।
तमिलनाडु मंत्री पेरियासामी के घर ईडी की कार्रवाई।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री तथा द्रमुक नेता आई पेरियासामी और उनके परिवार पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने सोमवार को कहा कि उसने हाल ही में हुई छापेमारी में कई संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के तहत की गई है।
ईडी ने 16 अगस्त को चेन्नई और डिंडीगुल में पेरियासामी, उनके बेटे अठूर से विधायक आई पी सेंथिल कुमार, बेटी इंद्रा और उनसे जुड़े कुछ कारोबारों पर छापेमारी की थी। पेरियासामी 72 साल के हैं और डिंडीगुल की अठूर सीट से विधायक हैं, जबकि उनका बेटा सेंथिल कुमार पालानी विधानसभा सीट से विधायक है। ईडी ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान उनके परिवार से जुड़े घरों और कार्यालयों से कई दस्तावेज बरामद किए गए।
निवेश दस्तावेज और कंपनियों का खुलासा
ईडी ने बयान में कहा कि सेंथिल कुमार, इंद्रा और इरुलप्पा मिल्स इंडिया के दफ्तर से निवेश और संपत्तियों से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं। इस कंपनी में पेरियासामी और उनके छोटे बेटे पी प्रभु निदेशक हैं। ईडी ने दावा किया कि इस कंपनी के दफ्तर से कुछ पेपर कंपनियों (डमी कंपनियां) के सबूत भी मिले हैं। इन कंपनियों के खातों की जांच की जा रही है। साथ ही छापेमारी में जब्त डिजिटल डिवाइस की भी पड़ताल जारी है।
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भ्रष्टाचार मामले की जांच
यह मामला तमिलनाडु की सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की ओर से दर्ज आय से अधिक संपत्ति केस से जुड़ा है। डीवीएसी ने आरोप लगाया था कि पेरियासामी और उनके परिवार के पास करीब दो करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। आरोप है कि ये संपत्तियां पेरियासामी ने उस समय अर्जित कीं, जब वह राजस्व और कारागार मंत्री थे। हालांकि डिंडीगुल की एक विशेष अदालत ने पहले पेरियासामी और उनके परिवार को इस मामले से बरी कर दिया था। लेकिन अप्रैल में मद्रास हाई कोर्ट ने यह आदेश रद्द कर दिया और छह महीने में मुकदमे की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया।
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सुप्रीम कोर्ट की रोक और राजनीतिक विवाद
ईडी ने बताया कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की ट्रायल पर रोक लगा दी है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। सत्ताधारी द्रमुक ने पेरियासामी का बचाव करते हुए कहा कि ईडी की कार्रवाई विपक्ष का ध्यान भटकाने की कोशिश है। द्रमुक नेताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का हवाला देते हुए इसे भाजपा की “वोट चोरी” योजना से जोड़कर देखा। राहुल गांधी ने 2024 चुनाव परिणामों के बाद कहा था कि भाजपा ने एनडीए की जीत के लिए चुनावी धोखाधड़ी की। ईडी ने साफ किया है कि जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई हो सकती है।