मामले में ईडी ने अब तक मास्टरमाइंड सैयद जियाजुर रहमान, मेसर्स एलएफएस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक, मोहम्मद अनारुल इस्लाम, सिसिर कोले, मृणाल कांति पात्रा, दिलीप कुमार मैती और बादल चंद्र संतरा सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता जोनल कार्यालय ने 19 जुलाई को सईद जियाजुर रहमान और मेसर्स एलएफएस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड सहित 9 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय (पीएमएलए) बिचार भवन, कोलकाता के समक्ष अभियोजन शिकायत दर्ज की है। न्यायालय ने आरोपी व्यक्तियों को पूर्व-संज्ञान नोटिस जारी किया है। यह मामला आरोपी व्यक्तियों द्वारा विभिन्न कंपनियों और फर्मों के माध्यम से अत्यधिक दरों पर उच्च रिटर्न के झूठे वादों के आधार पर 1600 करोड़ रुपये से अधिक के सार्वजनिक निवेश को धोखाधड़ी से जुटाने से संबंधित है।
विज्ञापन
ईडी के मुताबिक, आरोपी व्यक्तियों ने मेसर्स एलएफएस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड की आड़ में अवैध कारोबार संचालित किया, जो शेयर ब्रोकिंग और अन्य निवेश गतिविधियों के लिए सेबी के साथ पंजीकृत कंपनी थी। निवेशकों को यह विश्वास दिलाकर गुमराह किया गया कि वे सेबी-पंजीकृत कंपनी में निवेश कर रहे हैं, जबकि वास्तव में धन को एलएफएस ब्रोकिंग और पीएमएस सर्विसेज जैसी समान नाम वाली फर्मों और अन्य में स्थानांतरित कर दिया गया था।
आरोपियों ने एक सिंडिकेट और कई एजेंट बनाकर, उच्च रिटर्न की आकर्षक झूठी योजनाओं के माध्यम से निवेशकों को प्रभावित किया। इस प्रकार एकत्र किए गए धन को कंपनियों और बैंक खातों के एक जाल के माध्यम से डायवर्ट किया गया। उक्त धन का एक हिस्सा अवैध हवाला चैनलों के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात भी भेजा गया। इसके अलावा, यूएई को हस्तांतरित धन का उपयोग चल और अचल संपत्ति हासिल करने और संयुक्त अरब अमीरात में व्यवसाय स्थापित करने के लिए किया गया था। सैयद जियाजुर गोल्डस्मिथ कंपनी एलएलसी के नाम से एक कंपनी भी मास्टरमाइंड सैयद जियाजुर रहमान द्वारा स्थापित की गई थी।
विज्ञापन
इस मामले में ईडी ने अब तक मास्टरमाइंड सैयद जियाजुर रहमान, मेसर्स एलएफएस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक, मोहम्मद अनारुल इस्लाम, सिसिर कोले, मृणाल कांति पात्रा, दिलीप कुमार मैती और बादल चंद्र संतरा सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, मेसर्स एलएफएस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों/सहयोगियों से जुड़े कई परिसरों में भी तलाशी ली गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया। कई चल-अचल संपत्तियों की पहचान की गई। जाँच में होटल, रिसॉर्ट और आरोपी व्यक्तियों द्वारा अर्जित अचल संपत्तियों सहित लगभग 250 अचल संपत्तियों की पहचान हुई है।