नोटबंदी के डेढ़ साल बाद आरबीआई ने मार्च, 2018 में बताया था कि देश में कुल 18.50 लाख करोड़ रुपये की नकदी चलन में है। यह नकदी का अब तक का सर्वोच्च स्तर भी है। इससे पहले सरकार ने नोटबंदी कर करीब 16.99 लाख करोड़ रुपये की नकदी सिस्टम से बाहर कर दी थी। इसके बाद पांच सौ और दो हजार के नोटों की छपाई शुरू हुई। कुल नकदी में दो हजार के नोटों का हिस्सा करीब 37 फीसदी है।
बांड खरीदारी में इजाफा
बाजार और सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ने बांड खरीदारी में इजाफा किया है। आरबीआई ने दिसंबर में ओपन मार्केट ऑपरेशन से 50 हजार करोड़ रुपये जुटाए जबकि जनवरी, 2019 में भी 50 हजार करोड़ रुपये के बांड खरीदने का लक्ष्य रखा है। बॉन्ड खरीदारी से बैंकिंग सिस्टम में नकदी बढ़ेगी और एनबीएफसी को कम दरों पर पूंजी मिल सकेगी।
और बढ़ेगी जीडीपी की रफ्तार
इंडिया रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि भारत की जीडीपी दर आगामी वित्त वर्ष में और रफ्तार पकड़ेगी। यह मौजूदा 7.3 फीसदी से बढ़कर 2019-20 में 7.5 फीसदी पहुंच सकती है। उद्योग और सेवा क्षेत्र में तेज वृद्घि से यह उछाल आएगा। एजेंसी का मानना है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद यह साल तेज सुधारों का होगा।