अर्थशास्त्री टीएन श्रीनिवासन का शनिवार की रात चेन्नई में 85 साल की उम्र में निधन हो गया। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके बेटे के अमेरिका से आने का इंतजार किया जा रहा है। अर्थशास्त्र के विकास से लिए श्रीनिवासन को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
वह साल 1977-1980 तक वर्ल्ड बैंक में डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर के स्पेशन एडवाइजर भी रह चुके हैं। वह बीते कई सालों से शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने एमआईटी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टिट्यूट में काम किया है।
उन्होंने व्यापार के उदारीकरण पर प्रोफेसप जदगीश भगवती के साथ एक रिसर्च पेपर भी लिखा था। जो 1991 में मनमोहन सिंह की टीम में सुधारों का आधार बना।
उनके निधन की बात सुनकर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि करीब 5 दशकों से वह कई लोगों के लिए सच्चे गुरु साबित हुए। उन्होंने लोगों के बीच में अपनी पहचान बनाने की कभी लालसा नहीं दिखाई। वह एक प्रेरणा थे।