चुनाव आयोग ने उन लोगों को ओपन चैलेंज देने का मन बनाया है, जिन्हें लगता है की ईवीएम में छेड़छाड़ की जा सकती है। यह चैलेंज मई के पहले हफ्ते में होगा। चुनाव आयोग ने इस संबंध में विज्ञानी, टेक्नोक्रेट और राजनीतिक दलों को खुला चैलेंज में आने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि ईवीएम में छेड़छाड़ को लेकर कांग्रेस के नेता चुनाव आयोग से मिले थे और उन्होने मांग की थी कि वो 50 फीसदी मतदान वीवीपीएटी मशीनों के जरिए और 50 फीसदी मतदान बैलेट पेपर के जरिए करवाएं।
#ElectionCommission comes out with an 'open challenge' to hack its #EVMs from first week of May.
— Press Trust of India (@PTI_News) April 12, 2017
गौरतलब है कि हालिया हुए विधानसभा चुनावों के बाद से करीब हर राजनीतिक पार्टी ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहा है। इसके अलावा कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के भिंड में कोई भी बटन दबाने पर बीजेपी को वोट पड़ने की बात भी फैली थी।
इन सब घटनाओं के बाद अब विपक्ष के नेताओं ने चुनाव आयोग से बातचीत करने का विचार किया है। इससे पहले बुधवार को भी संसद में ईवीएम के मुद्दे पर जोरदार बहस हो चुकी है। संसद में भी सांसदों ने ये मांग रखी थी कि ईवीएम के साथ-साथ VVPAT का इस्तेमाल भी किया जाए।
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग के साथ इस बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एके एंटनी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और कांग्रेस के कई अन्य बड़े नेता शामिल हुए।