चुनाव आयोग की सहमति के बाद ही यूपी बोर्ड अपनी नई स्कीम जारी कर सकेगा। शुक्रवार को चुनाव आयोग के साथ दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तयहुआ कि तीन दिन के भीतर यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का प्रस्तावित कार्यक्रम आयोग को सौंपेगा।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग अपने स्तर से परीक्षा की तिथियों का परीक्षण करेगा, उसके बाद ही फाइनल स्कीम जारी होगी। यूपी बोर्ड ने बृहस्पतिवार को हाईस्कूल व इंटर की स्कीम घोषित कर दी थी। इस पर चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार शाम ही रोक लगा दी थी। इसके साथ यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिल्ली तलब किया था। इसी के तहत शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग और आयोग के अधिकारियों के बीच कई घंटे बैठक चली।
इसमें उप निर्वाचन आयुक्त उमेश सिन्हा, यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी वेंकटेश और निदेशक माध्यमिक शिक्षा अमरनाथ वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में तय हुआ कि अधिकतम तीन कार्य दिवसों में यूपी बोर्ड आयोग को अपनी नई प्रस्तावित स्कीम देगा।
8-10 दिनों में आयोग इस स्कीम का परीक्षण करेगा। विधानसभा चुनाव को देखते हुए तिथियों में बदलाव की जरूरत हुई तो आयोग अपने सुझाव यूपी बोर्ड को देगा। इन्हें मानते हुए ही बोर्ड स्कीम जारी होगी। दरअसल, विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की ड्यूटी लगती है। साथ ही बूथ बनाने और सुरक्षा कर्मियों को ठहराने के लिए स्कूलों के भवनों को भी आयोग लेता है। इन जरूरतों को देखते हुए भी बोर्ड कार्यक्रम तय होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इन परिस्थितियों में 25 दिसंबर के बाद ही बोर्ड कार्यक्रम जारी हो सकेगा।