आयोग ने साफ किया है कि यद्यपि चुनावी कार्य के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी लेकिन वह राज्य मशीनरी को बड़े पैमाने पर इधर से उधर नहीं करना चाहता है। इसमें कहा गया है कि जो लोग सीधे तौर पर चुनाव से जुड़े नहीं है, तबादला निर्देश उन पर लागू नहीं होंगे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे अधिकारियों को जिम्मेदारी नहीं
आयोग ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि पिछले किसी भी चुनाव के दौरान जिन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश उसने की थी, उन्हें चुनाव संबंधी कोई भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जानी चाहिए। इसी तरह से जिनके खिलाफ अदालतों में आपराधिक मामले लंबित हैं, उन्हें भी चुनाव कार्यों से बाहर रखा जाए।
लोकसभा चुनाव के साथ ही महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। इन राज्यों में इसी साल अक्तूबर-नवंबर में चुनाव कराए जाएंगे।
कब-कब घोषित हुए चुनाव
पिछली बार 2014 लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान 5 मार्च को किया गया था। उस वक्त पूरे देश में नौ चरणों में मतदान कराया गया था। इससे पहले 2009 में 2 मार्च को घोषणा की गई और पांच चरण में चुनाव हुए थे। इसी तरह से 2004 में 29 फरवरी को चुनाव कार्यक्रम का एलान हुआ और चुनाव चार चरण में हुए थे।