वोट के लिए नोट लेने की अपील लोगों से करने पर चुनाव आयोग की कड़ी फटकार के बाद अरविंद केजरीवाल ने आयोग पर पलटवार किया है। उन्होंने चुनाव आयोग की तरफ से पार्टी की मान्यता रद्द करने की चेतावनी के फैसले को 'गैरकानूनी, असंवैधानिक और गलत' करार दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनाव आयोग ने शनिवार को कड़ी फटकार लगाई। केजरीवाल ने गोवा में भाषण के दौरान वोट के लिए नोट लेने की अपील लोगों से की थी। इस मामले में चुनाव आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई है।
साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन पाया गया तो उनके और उनकी पार्टी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने इतना तक कह दिया है कि ऐसी स्थिति में आम आदमी पार्टी की मान्यता को निलंबित या खत्म भी की जा सकती है।
हालांकि, चुनाव आयोग की फटकार के बाद केजरीवाल ने कहा कि वो आगे से भाषणों के दौरान ऐसा बयान नहीं देंगे। लेकिन ट्वीट कर आयोग की फटकार पर आपत्ति जताई।
आयोग ने कहा, 'आप यह भी ध्यान रखें कि अगर भविष्य में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो आयोग इलेक्शन सिंबल्स (रिजर्वेशन ऐंड अलॉटमेंट) ऑर्डर ऐक्ट के पैरा 16 के तहत आपके और आपकी पार्टी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।'
पैरा-16 के तहत चुनाव आयोग को आचार संहिता के उल्लंघन की दशा में किसी पार्टी की मान्यता को खत्म या निलंबित करने का अधिकार है।
Election Commission censures Delhi CM Arvind Kejriwal for violation of model code of conduct during his Jan 8 speech in Goa.
— ANI (@ANI_news) January 21, 2017