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असम चुनाव : भाजपा नेता सरमा 48 घंटे तक नहीं कर पाएंगे प्रचार, चुनाव आयोग ने लगाई रोक

Fri, 02 Apr 2021 09:32 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।
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हेमंत बिस्व शर्मा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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चुनाव आयोग ने असम में बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा सरमा के 48 घंटे तक प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई बीपीएफ नेता हाग्रामा मोहिलारी के खिलाफ उनकी टिप्पणी के मामले को लेकर की है। बता दें कि इस मामले में आयोग ने सरमा को नोटिस जारी किया था।

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बता दें कि असम में गुरुवार को दूसरे चरण का मतदान के दौरान भाजपा की चिंता बढ़ाने वाली यह खबर सामने आई थी। दरअसल, चुनाव आयोग ने असम सरकार में मंत्री और भाजपा नेता हेमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में विपक्षी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के नेता हग्रामा मोहिलरी के खिलाफ कथित तौर पर धमकाने वाली टिप्पणियां करने के आरोप में आयोग ने शुक्रवार शाम पांच बजे तक जवाब तलब किया था।

चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, आयोग हेमंत बिस्वा सरमा के बयानों की कड़ी निंदा करता है। आयोग दो अप्रैल (शुक्रवार) को तत्काल प्रभाव से 48 घंटे के लिए उनके कोई सार्वजनिक सभा करने, सार्वजनिक जुलूस निकालने, रैलियां करने, रोडशो, साक्षात्कार देने और मीडिया में सार्वजनिक बयान देने पर रोक लगाता है।
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कांग्रेस ने आयोग से सरमा के बयान को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सरमा ने कहा था कि अगर मोहिलारी विद्रोही नेता एम बाथा के साथ उग्रवाद को बढ़ावा देते हैं तो केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए के माध्यम से उन्हें जेल भेजा जाएगा। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट असम में कांग्रेस का सहयोगी दल है। पहले यह दल भाजपा के साथ था।

कांग्रेस ने लगाया था आरोप
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कांग्रेस ने हेमंत बिस्वा सरमा पर आरोप लगाया था। कांग्रेस ने कहा था कि भाजपा नेता ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का दुरुपयोग कर मोहिलारी को जेल भेजने की धमकी दी। बता दें कि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट असम में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है।
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