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सेहत के लिए जरूरी: इंटरमिटेंट फास्टिंग में आठ घंटे से कम खाने से हृदय रोग का खतरा 135% तक बढ़ा, सावधान रहें

Sat, 23 Aug 2025 08:00 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए चेतावनी है। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में सामने आया कि दिन में 8 घंटे से कम खाने वालों में दिल की बीमारी से मरने का खतरा 135% तक बढ़ सकता है। शोध में 19,000 लोगों का डाटा विश्लेषण किया गया। डॉक्टरों ने इसे बिना चिकित्सकीय सलाह के अपनाने से बचने की सलाह दी है।

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इंटरमिटेंट फास्टिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वजन घटाने के लिए लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रहे है, लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में यह पता चला है कि भोजन की अवधि को आठ घंटे से कम रखने वालों में हृदय रोग से मौत का खतरा 135% तक बढ़ सकता है।
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अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भोजन अवधि आठ घंटे से कम रखने वालों में कार्डियोवैस्कुलर मौतों का जोखिम उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक पाया जो सामान्य तौर पर 12 से 14 घंटे की अवधि में भोजन करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय जर्नल डायबिटीज एंड मेटाबॉलिक सिंड्रोम
क्लीनिकल रिसर्च एंड रिव्यू में प्रकाशित यह अध्ययन अमेरिका के नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे से जुड़े 19,000 से अधिक लोगों के डाटा पर आधारित है। इस शोध के साथ भारतीय डॉक्टर का एक संपादकीय भी प्रकाशित हुआ है, जिसमें वरिष्ठ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अनूप मिश्रा ने कहा, इंटरमिटेंट फास्टिंग एक कम खर्चीला और सरल तरीका है, लेकिन इसके संभावित जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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इसे व्यक्तिगत परिस्थिति और चिकित्सकीय निगरानी के साथ ही अपनाना चाहिए। डॉ. अनूप मिश्रा ने यह भी चेताया कि बिना डॉक्टर की सलाह लिए लंबे समय तक इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर), मांसपेशियों की कमजोरी और कुपोषण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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बुजुर्ग, हृदय और मधुमेह रोगियों के लिए ज्यादा असुरक्षित
दरअसल अब तक इंटरमिटेंट फास्टिंग के पक्ष में हुए कई अध्ययनों ने इसके फायदे जैसे वजन घटाना, ब्लड शुगर पर नियंत्रण, रक्तचाप में कमी की जानकारी दी है। यही वजह है कि इसे दुनियाभर में लोग अपनाने लगे हैं। हालांकि, नए अध्ययन में यह तरीका हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया। विशेष रूप से दिल के मरीजों, बुजुर्गों, मधुमेह रोगियों और लंबे समय तक फास्टिंग करने वालों में इसके खतरनाक असर हो सकते हैं।
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