बृहस्पतिवार को राजनीतिक दलों ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की जानलेवा बीमारी इंसेफलाइटिस (जापानी बुखार या मस्तिष्क ज्वर) का मुद्दा लोकसभा में जोर-शोर से उठाया। भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने केंद्र के प्रयासों की सराहना करने के साथ-साथ प्रदेश सरकार पर असंवेदनशील होने को लेकर निशाना साधा। इस मामले में जगदंबिका पाल ने भी योगी का साथ दिया।
योगी ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार इस अभिशाप से निपटने में सहयोग नहीं कर रही है। प्रदेश की अखिलेश सरकार पर उन्होंने असंवेदनशील होने का भी आरोप लगाया।
वहीं योगी के आरोपों पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने केंद्र सरकार को कटघरे में घेरते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार सहयोग नहीं करेगी, जापानी बुखार से मुकाबला मुश्किल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जापानी बुखार को लेकर गंभीर है।
मुलायम के बाद कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में भी जापानी बुखार की मार का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया। इतने में तृणमूल सांसद सुदिप्त बंदोपाध्याय ने कहा कि हम बहुमत से चुनाव जीत कर आए हैं।
इस बीमारी से लड़ने के माकूल प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही निदान कर लिया जाएगा। वाम सांसद मो. सलीम ने भी पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग दलों के ये सांसद आपस में आरोप-प्रत्यारोप करने लगे। इसे देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष को आसन से कहना पड़ा की शांत रहिए, राजनीति मत करिए। तब जाकर सांसद शांत हुए।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी सरकार के प्रयासों की जानकारी
केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि इस वर्ष इस बीमारी से 757 बच्चों की मौत हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, बस्ती, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर में इसका प्रकोप ज्यादा है।
जापानी बुखार पर केंद्र सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड किया गया है।
गोरखपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को पीएम मोदी ने एम्स का शिलान्यास किया है। इससे भी बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।