गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि बुधवार को असम के तामुलपुर में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें सुपर 30 कार्यक्रम की शुरुआत को औपचारिक रूप दिया गया। इसका उद्देश्य असम के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारियों के रूप में भर्ती होने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता असम के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू ने की। उन्होंने इस पहल के लिए भारतीय सेना को धन्यवाद दिया और छात्रों को सशस्त्र बलों में प्रतिष्ठित अधिकारी रैंक की तैयारी के लिए दृढ़ संकल्प और उत्साह के साथ प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बताया कि इसके तहत असम के प्रतिभाशाली छात्रों को अधिकारियों के रूप में सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और सक्षम करने के लिए पूर्वी कमान द्वारा इस कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। असम सरकार द्वारा प्रायोजित और भारतीय सेना के रेड हॉर्न्स डिवीजन के नेतृत्व में, यह कार्यक्रम छात्रों को सशस्त्र बलों की अत्यधिक प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। छात्रों का चयन एक विस्तृत चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। इसमें लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं। नेशनल इंटीग्रिटी एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (एनआईईडीओ) इसका प्रशिक्षण भागीदार है। इसे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी), संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के लिए छात्रों को सफलतापूर्वक सलाह देने और प्रशिक्षित करने में महारत हासिल है।
उन्होंने बताया कि सुपर 30 को तामुलपुर के आर्मी स्टेशन में पूरी तरह से आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसमें वर्ष 2024 में दो बैच शामिल होंगे। पहला बैच इसी महीने 8 शुरू होगा और अगला बैच अप्रैल 2024 में निर्धारित होगा। इसके बाद, लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों को सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) द्वारा चयन के अगले चरण के लिए उपस्थित होने के लिए सलाह दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि असम सरकार और भारतीय सेना की 4 कोर संयुक्त रूप से असम के छात्रों को एनडीए/सीडीएस परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए "सुपर 30" नाम से एक सुपर स्पेशल मेंटरिंग सह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।