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चीन के साथ गतिरोध पर बोले जयशंकर: दोनों देशों के संबंधों में जो स्थिति होगी वही सीमा पर हालात को भी दर्शाएगी

Thu, 02 Dec 2021 10:18 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन के साथ संबंधों के सवाल को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि दोनों देशों के संबंधों में जो स्थिति होगी वही सीमा पर हालात में भी दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि सीमा पर संघर्ष के साथ अन्य क्षेत्रों में बेहतर संबंधों की उम्मीद नहीं की जा सकती।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : twitter.com/DrSJaishankar
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विस्तार
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पूर्वी लद्दाख में लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत और चीन के बीर संबंधों की स्थिति सीमा की स्थिति को दर्शाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अगर सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण है तो संबंधों को आगे जारी रखने की कोई वास्तविक उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों हुआ और यह क्या दर्शाता है, ऐसे सवाल पूरी तरह से वैध हैं।

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जयशंकर ने एक कार्यक्रम में कहा, 'जैसा कि हम पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं, संबंधों की स्थिति सीमा पर स्थिति में दिखाई देगी। ऐसा नहीं हो सकता कि सीमा पर संघर्ष चलता रहे, तनाव बना रहे और अन्य पक्षों में हमारे संबंध उसी तरह चलते रहें। यह इस तरह काम नहीं करता है।' उन्होंने कहा कि जिस दिशा में हम बढ़ रहे हैं मैं नहीं समझता कि यह दोनों में से किसी भी देश के लिए बेहतर है।

विदेश मंत्री ने चीन की ओर से सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसी देश ने अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है। वहीं, अफगानिस्तान में हालात को लेकर जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) प्रस्ताव 2593 कई मुद्दों पर दुनिया में व्यापक चिंता की अभिव्यक्ति है। अफगानिस्तान को आतंकवादियों की पनाहगाह नहीं बनने देना चाहिए।

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15 दिसंबर के बाद हो सकती है 14वें दौर की सैन्य वार्ता

चीन के साथ सीमा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे गतिरोध को हल करने के लिए भारत और चीन दिसंबर के दूसरे हिस्से में 14वें दौर की कोर कमांडर वार्ता आयोजित कर सकते हैं। बातचीत के लिए आमंत्रण चीनी पक्ष की तरफ से आना है। समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि वार्ता दिसंबर के दूसरे भाग यानी 15 तारीख के बाद ही होगी। 

सूत्रों ने कहा कि यह समय भारत के लिए उपयुक्त होगा क्योंकि क्योंकि सुरक्षा बल 16 दिसंबर तक साल 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की करारी हार पर स्वर्ण जयंती समारोह के तहत हो रहे कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। विवाद सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच बातचीत चल रही है। गतिरोध हल करने के लिए पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अब तक बातचीत के 13 दौर हो चुके हैं।
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