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भाजपा के सभी मुद्दों से सहमत नहीं हैं मेट्रोमैन श्रीधरन, बोले- 'कमल' के बिना राज्य दांव पर

Sat, 20 Mar 2021 05:36 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन का कहना है कि वह भाजपा के सभी मुद्दों से सहमत नहीं हैं।
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ई. श्रीधरन
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विस्तार
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मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने हाल ही में सियासत में एंट्री की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा। 88 वर्षीय श्रीधरन बीजेपी में तो शामिल हो गए लेकिन वो पार्टी के सभी मुद्दों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में इस बात की जानकारी दी। चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'कुछ-कुछ मुद्दों पर असहमति को न देखते हुए हमें समग्रता से मामले को देखना होगा।'

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यहां भाजपा नहीं तो राज्य हाथ से निकल जाएगा
चैनल से बातचीत में उन्होंने कई सवालों के ऐसे जवाब दिए, जिसमें उनकी असहमति साफ झलक रही थी या वह उन सवालों से बचना चाह रहे थे। इस क्रम में उनसे जब लव जिहाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा, 'मैं उस विशेष विषय में जाना पसंद नहीं करूंगा। यह विवादास्पद विषय है। मैं पूरी तरह सहमत नहीं हो सकता। लेकिन आपको समग्रता में देखना होगा। हमारे यहां (केरल) अगर भाजपा जैसी पार्टी नहीं होगी, तो यह राज्य हाथ से निकल जाएगा।' 

छोटा सा बलिदान देश के लिए करना पड़ता है
वहीं, उन्होंने कश्मीर में इंटरनेट बंद करने के सवाल पर कहा, 'यह सिर्फ छोटा सा बलिदान है, जो देश के लिए करना पड़ता है। छोटी सी बात को पहाड़ मत बनाइए। दुर्भाग्य से हमारा मीडिया ऐसा कर रहा है।' श्रीधरन ने कहा, 'अगर मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो जम्मू कश्मीर अब तक हाथ से चला गया होता।' इस दौरान उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। इस चुनाव के बाद राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ही सरकार बनाएगा।
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प्रधानमंत्री मोदी के मुरीद हैं मेट्रो मैन
दरअसल, मेट्रो मैन ई श्रीधरन नरेंद्र मोदी के मुरीद हैं। सात साल पहले यानी साल 2014 में उन्होंने पीएम की तारीफ में कहा था कि मोदी देश के सबसे योग्य और काबिल नेता हैं। देश का भविष्य उनके हाथों महफूज रहेगा। भाजपा का दामन थामने के बाद उन्होंने कहा था कि मैं राज्य के लिए काम करना चाहता हूं। इसलिए भाजपा में शामिल हुआ हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा में शामिल होने कोई एक दिन का फैसला नहीं है। 

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