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उपभोक्ता अदालतों में मिलेगी ई-फाइलिंग की सुविधा, अगले साल तक हो जाएंगी 100 फीसदी डिजिटल

Sat, 03 Nov 2018 02:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उपभोक्ता अदालतों में वाद दाखिल करने वालों को आने वाले दिनों में ई-फाइलिंग की सुविधा मिलेगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले साल तक देशभर की उपभोक्ता अदालतों को 100 फीसदी डिजिटल कर दिया जाएगा। मंत्रालय ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज उपभोक्ता अदालतों में मान्य होंगे।

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने देश की 655 में 621 उपभोक्ता अदालतों को कंप्यूटराइज्ड ऑफ कंज्यूमर फोरम इन कंट्री (कॉनफोनेट) से जोड़ दिया है। कॉनफोनेट एक पोर्टल है, जिसके जरिए देशभर में लंबित उपभोक्ता मामलों से संबंधित सूचनाएं सामान्य जन के लिए ऑनलाइन जारी की जाती हैं।  

वहीं, उपभोक्ता फोरम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ लंबित मामलों के तेजी से निपटाने के लिए नए नियम आने के बावजूद देशभर की जिला उपभोक्ता फोरम में लगभग 400 से ज्यादा पद खाली पड़े हुए थे। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नियम तय कर जजों की नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म करने को कहा था। 
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नए नियमों में तय किया गया है कि हाईकोर्ट की सहमति पर जिला उपभोक्त फोरम में जिला जजों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं, राज्य आयोग में हाईकोर्ट के जज यह भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने पिछले साल देश की उपभोक्ता अदालतों के रवैये पर सवाल खड़ा किया था।

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देशभर की उपभोक्ता अदालतें होंगी सौ फीसद डिजिटल

उपभोक्ता मामलों में वाद दाखिल करने वालों को आने वाले दिनों में ई.फाइलिंग की सुविधा मिलेगी। सरकार देशभर की उपभोक्ता अदालतों को सौ फीसद डिजिटल करने की तैयारी में है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। अगले साल तक इस कार्य को अंजाम देने का लक्ष्य तय किया गया है जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों उपभोक्ता अदालतों में मान्य होंगे। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने देश की 655 उपभोक्ता अदालतों को कॉनफोनेट यानी कम्प्यूटराइजेशन एंड कम्प्यूटर नेटवर्किंग ऑफ कंज्यूमर फोरम इन कंट्री से जोड़ने की दिशा में अच्छी सफलता हासिल की है। अब तक 621 को कॉनफोनेट से जोड़ दिया गया है। उपभोक्ता अदालतों में आधुनिक व्यवस्था मुहैया कराने पर मंत्रालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले साल तक सभी फोरम को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाए। 

साथ ही इसमें वाद दाखिल करने और पक्ष.विपक्ष के जवाब दाखिल करने में ई.फाइलिंग की सुविधा मिले। कॉन्फोनेट एक पोर्टल है जिसके जरिए ऑनलाइन देशभर में लंबित उपभोक्ता मामलों संबंधी सूचना सामान्य जन के लिए जारी की जाती है। बैठक में इसके अलावा उपभोक्ता फोरम की कार्यप्रणाली में सुधार लानेए लंबित मामलों के तेजी से निपटारेए नए नियमों को लागू करने की प्रगति और नियुक्ति में तेजी लाने पर विमर्श भी होगा। याद रहे कि नए नियम आने के बावजूद देशभर में जिला स्तर पर लगभग 400 से ज्यादा पद खाली पड़े हुए थे जिसके चलते लगातार लंबित मामलों की संख्या में इजाफा हो रहा था। सर्वोच्च अदालत ने सरकार को नियम तय कर नियुक्ति में राजनैतिक हस्तक्षेप खत्म करने को कहा था। 

नए मॉडल नियमों में तय किया गया है कि हाईकोर्ट की सहमति पर जिला उपभोक्ता फोरम में जिला जज की नियुक्ति की जाएगी। जबकि राज्य आयोग में हाईकोर्ट जज भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आयोग की जिम्मेदारी का अतिरिक्त भार दिया जाएगा या स्वतंत्र रूप से नियुक्ति की जाएगी। यह फैसला हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सहमति के साथ लिया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने पिछले साल देश की उपभोक्ता अदालतों के रवैये पर सवाल खड़ा किया था।
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