-दूसरी कारों में तेज म्यूजिक बजना, खासतौर पर जब कोई ट्रैफिक जाम में फँसा हो
-ट्रैफिक जाम या फिर वाहनों की लम्बी कतार
-गलत दिशा से ओवरटेक करने का प्रयास
-लगातार हॉर्न बजाते रहना
-गलत या अनाधिकृत पार्किंग
-बहुत अधिक गर्मी होना
-एक ही लेन में वाहनों का जमावड़ा लगना
-अधिक रफ्तार में ड्राइविंग
-लम्बी दूरी तक चलते रहना
-अहम बैठक या डेडलाइन का दबाव
दिल्ली में रोड रेज के मामले
| साल |
रोड रेज |
मारे गए |
घायल |
गिरफ्तारी |
| 2015 |
92 |
04 |
80 |
106 |
| 2016 |
66 |
02 |
55 |
94 |
| 2017 |
64 |
03 |
55 |
80 |
| 2018 |
22 |
00 |
23 |
29 |
(सभी आंकड़े तीस जून, 2018 तक)
-उत्तरप्रदेश में 2016 के दौरान 489 लोग रोड रेज में मारे गए थे।
खतरनाक ड्राइविंग की वजह से गई इतने लोगों की जान
| राज्य |
घटना |
पीड़ित |
| उत्तर प्रदेश |
17644 |
20687 |
| तमिलनाडू |
16559 |
17681 |
| महाराष्ट्र |
12568 |
13378 |
| कर्नाटक |
10215 |
12777 |
| राजस्थान |
9345 |
9847 |
| गिरफ्तार |
पुरुष |
महिला |
कुल |
| 18 साल से नीचे |
1203 |
20 |
1223 |
| 18-30 |
150851 |
1640 |
152491 |
| 30-45 |
128680 |
1009 |
129689 |
| 45-60 |
42238 |
125 |
42363 |
| 60 से ऊपर |
4246 |
08 |
4254 |
| सभी को मिलाकर |
333218 |
2802 |
336020 |
पुलिस रोड रेज जैसी हालत पैदा न होने दे- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
रोड रेज को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर का कहना है कि पुलिस को सचेत किया गया है कि वह रोड रेज जैसी हालत पैदा न होने दे। चालकों को इस बाबत जागरूक किया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विपरीत दिशा में वाहन चलाने वालों पर भारी जुर्माना किया जा रहा है। इसके अलावा रोड इंजीनियरिंग में बदलाव भी सड़क सुरक्षा मुहिम का एक हिस्सा है।