फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संकट के दौरान केवल 55.1 फीसदी परिवार जुटा पा रहे दो वक्त की रोटी

Mon, 20 Jul 2020 03:29 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
विज्ञापन

कोरोना संकट के दौरान उत्पन्न हुई विकट समस्या को लेकर किए गए एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि एक अप्रैल से लेकर 15 मई तक के बीच 24 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 55 फीसदी परिवार दिन में महज दो वक्त का खाना ही जुटा पाए हैं।

विज्ञापन

 
बच्चों के अधिकारों के लिए कार्यरत गैर सरकारी संगठन ‘वर्ल्ड विजन एशिया पैसफिक’ द्वारा जारी ‘एशिया में सर्वाधिक संवेदनशील बच्चों’ पर कोविड-19 के असर से संबंधित आकलन में पाया गया कि फलस्वरूप भारतीयों परिवारों पर पड़े आर्थिक, मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक दबाव ने बच्चों के कल्याण के सभी पहलुओं पर असर डाला। इनमें खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, जरूरी दवाएं, स्वच्छता आदि तक पहुंच और बाल अधिकार एवं सुरक्षा जैसे पहलू शामिल हैं। 

देश में 5,568 परिवारों पर किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि लॉकडाउन की सबसे अधिक मार दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ी। इसके कारण छिनी आजीविका ग्रामीण और शहरी गरीबों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें