बाबारी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। फैसले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और उमा भारती समेत 32 लोगों को आरोप से बरी कर दिया गया है। कोर्ट के जज जब अपना फैसला सुना रहे थे तब लालकृष्ण आडवाणी अपनी बेटी का हाथ पकड़कर यह फैसला सुन रहे थे।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने वीडियो डाली है, जिसमें लालकृष्ण आडवाणी को देखा जा सकता है। इसमें लालकृष्ण आडवाणी एक टीवी चैनल के माध्यम से बाबरी विध्वंस मामले का फैसला सुन रहे हैं, इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी का हाथ पकड़े रखा है। ये आप वीडियो में साफ देख सकते हैं।
वहीं फैसला आने के बाद पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जय श्री राम का नारा लगाया और अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के अनुरूप हैं जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उनके सपने का मार्ग प्रशस्त किया।
आडवाणी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि विशेष अदालत का आज का जो निर्णय हुआ है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है और वह हम सबके लिए खुशी का प्रसंग है। जब हमने अदालत का निर्णय सुना तो हमने जय श्री राम का नारा लगाकर इसका स्वागत किया।
बाद में एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के पदचिह्नों पर है जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उनके सपने का मार्ग प्रशस्त किया। अदालत के फैसले के बाद 92 वर्षीय आडवाणी अपने कमरे से बाहर निकले और जय श्री राम का नारा लगाते हुए मीडिया का अभिवादन किया।
सीबीआई की विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कल्याण सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इसमें 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। सीबीआई ने इस मामले में 351 गवाह और करीब 6,000 से ज्यादा दस्तावेज साक्ष्य पेश किए थे।