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महामारी के बीच घरेलू हिंसा से कैसे निपटें, वित्तीय संकट परेशानी की सबसे बड़ी वजह

Sun, 09 Aug 2020 02:00 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
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कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : PTI
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कोरोना महामारी ने लोगों को मानसिक और शारीरिक तौर पर तो परेशान किया ही है लेकिन इसके अलावा कोरोना ने मानसिक प्रताड़ना भी काफी दी है। कोरोना वायरस की वजह से हर क्षेत्र और स्तर के लोगों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा है। बंगलुरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ और न्यूरो साइंसेज के डॉ गीता देसाई और डॉ चंद्रा ने खुलासा किया है कि कोरोना वायरस के दौरान महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा बढ़ी है।
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दोनों डॉक्टरों का कहना है कि घरेलू हिंसा से निपटने के लिए कदमों को उठाना चाहिए और इसे ऐसा मुद्दा नहीं बनने देना चाहिए जिससे घर के लोगों के बीच आपसी मनमुटाव की स्थिति बन जाए।

घर में बंद रहने से आ सकती है ऐसी स्थिति

कोरोना महामारी की वजह से देश की सरकारों को लॉकडाउन लगाना पड़ा, जिसका परिणाम यह हुआ कि लोगों को कई दिनों तक अपने घरों में बंद रहना पड़ा। भारत में अब भी कई लोग घरों में ही रहते हैं और घर से ही अपने ऑफिस का काम करते हैं। एक तरह का न्यू नॉर्मल है, जिसका पालन पूरी दुनिया कर रही है।

कोविड-19 की वजह से घर में बंद हो जाने या घर से काम करने की परंपरा ने घर में लोगों के बीच मनमुटाव की स्थिति पैदा कर दी है। ऐसा कई बार देखा गया है कि यह स्थिति हिंसक रूप ले लेती है और इन दिनों वित्तीय संकट के कारण भी घरों में कई तरह के विवाद पैदा हो रहे हैं।

हिंसा के अलग-अलग रूप हो सकते हैं

हिंसा का मतलब केवल मारना ही नहीं होता है, हिंसा के कई अलग-अलग रूप हो सकते हैं। इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक हिंसा शामिल हो सकती है। हिंसा में कई तरह की बंदिशें शामिल हो सकती हैं, जैसे कि किसी को गुस्से में उसके नाम से बुलाना, दूसरे के सामने बेइज्जत करना, मारना, पीटना इस श्रेणी में आ सकता है।

इस तरह तकलीफों का दोनों लोग आपस में बैठकर समाधान निकाल सकते हैं और हिंसा को रौद्र रूप लेने से बचा सकते हैं।

एक-दूसरे की भावना की इज्जत करनी होगी

अगर आप महामारी के बीच किसी परेशानी से गुजर रहे हैं, चाहे वो वित्तीय संकट हो या नौकरी जाने का डर तो ऐसे समय में आप कोशिश करें कि अपनों पर कम से कम गुस्सा हों। लोगों पर गुस्सा निकालने की कोशिश कम करें। महामारी के बीच मुद्दों को आसानी से सुलझाने के लिए एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।

महामारी के दौरान परिवार के लोगों के साथ समय बिताएं, अच्छी-अच्छी बातें करें। छोटी-छोटी बातों का मुद्दा ना बनाएं और एक-दूसरे से कम उम्मीद रखें।
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अपने जीवन में LIVES का मजा लें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घरेलू हिंसा से निपटने के लिए लाइव्स (LIVES) को अपनी जिंदगी में उतारने के लिए कहा है। जिसमें एल का मतलब लिसिन यानि कि किसी व्यक्ति की बात संयम से सुनें, उसे फैसला ना मानें, आई का मतलब एक्सपेक्टेशन यानि कि किसी से आप जो चाहते या उम्मीद करते हैं, वो बताएं और वी का मतलब वैलिडेट यानि कि उस शख्स को ये बताएं कि आप उसमें विश्वास करते हैं।
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