फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिल्म महोत्सव: सिनेमा विषय पर चर्चा के दौरान दिग्गजों ने कहा, कास्टिंग काउच से निपटने के लिए सीखें 'नो' कहना

Fri, 22 Nov 2024 07:26 AM IST
शुभम कुमार पूनम मेहता

सार

फिल्म निर्माताओं को समाज में महिलाओं की स्थिति को दर्शाने और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दूसरे दिन संवाद सत्र के दौरान फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली, निर्माता और अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम, खुशबू सुंदर, भूमि पेडणेकर ने जोर देकर यह बात कही।
विज्ञापन
फिल्म महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कास्टिंग काउच के मसले पर वक्ताओं ने कहा कि इस मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ हल किया जाना चाहिए। अपनी आवाज उठाते हुए दृढ़ता से 'नो' कहना सीखना होगा। इस मौके पर इम्तियाज अली समेत सभी वक्ताओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने भारतीय सिने जगत को महिलाओं को सम्मान देने वाला बताया।
विज्ञापन


इम्तियाज की फिल्मों में महिला सशक्तीकरण सर्वोच्च : वाणी टिक्कू
वाणी त्रिपाठी टिक्कू ने संवाद सत्र का संचालन करते हुए कहा, इम्तियाज अली को लेकर वह कह सकती हैं कि उनकी फिल्मी यात्रा में उनकी सभी फिल्मों में महिला सशक्तीकरण सर्वोच्चता के साथ प्रदर्शित होता है। जब वी मेट से लेकर अमर सिंह चमकीला तक उनकी फिल्मों की महिलाएं अपने साहस और कार्यप्रणाली से अलग छाप छोड़ने वाली रही हैं। अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने कहा, देश प्रेमी फिल्म में जब भी हेमा मालिनी सेट पर आती थीं, तो अमिताभ बच्चन से लेकर मनमोहन देसाई, केतन देसाई समते सभी वरिष्ठ खड़े होकर उनका अभिवादन करते थे। यह बताता है कि सिनेमा में महिलाओं का क्या स्थान है। भूमि पेडणेकर ने कहा कि उनके लिए भारतीय सिनेमा घर जैसा है।

भारत की प्रतिभाओं को निखारने का चौथा चरण
क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो (सीएमओटी) का फिल्म महोत्सव में शानदार आगाज हुआ। युवा फिल्म निर्माताओं की अगली पीढ़ी को पोषित करने और सशक्त बनाने की दिशा में यह इफ्फी की सार्थक पहल है। इसका मकसद मीडिया और मनोरंजन उद्योग में उभरती प्रतिभाओं के लिए देश में प्लेटफार्म उपलब्ध कराना और उन्हें अवसर देना है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव, संजय जाजू ने सीएमओटी के चौथे संस्करण को लॉन्च किया।
विज्ञापन


समझौता करने पर रोल मिल ही जाएगा जरूरी नहीं
फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले कई निर्देशक और अभिनेताओं पर कास्टिंग काउच के आरोप लग चुके हैं। कुछ समय पहले मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में भी ऐसा ही एक मामला सुर्खियों में था। बॉलीवुड निर्देशर इम्तियाज अली ने कहा कि इस पर उनकी राय स्पष्ट है कि जो औरत, जो लड़कियां नहीं बोल सकतीं हैं, उसके प्रति ऐसे व्यवहार की कोशिश बढ़ती है। इसलिए आवाज उठाए, सख्ती से 'नो' कहना चाहिए। सुहासिनी मणिरत्नम ने कहा कि अपने 43 साल के अनुभव से वह कह सकती हैं कि महिलाओं को अपना सम्मान खुद ही सुनिश्चित करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें