कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की सात धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें बुधवार को यूनेस्को-मान्यता प्राप्त उत्सव दौरों से जुड़े, दुर्गा पूजा के कथित फर्जी पास घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने क्या बताया?
शहर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगाए गए आरोपों में धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 336(2) और 336(3) (धोखाधड़ी के लिए जाली दस्तावेज बनाना), धारा 338 (कीमती प्रतिभूतियों और अन्य विशिष्ट दस्तावेजों में जालसाजी), धारा 318 (धोखाधड़ी), धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), और धारा 340(2) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली बताकर इस्तेमाल करना) शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि 2022 से 2025 के बीच 'मास आर्ट सोसाइटी' के जरिए यूनेस्को और दुर्गा पूजा समारोहों के नाम पर कई करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताएं की गईं। 'मास आर्ट सोसाइटी' सेन की पत्नी मधुछंदा सेन के स्वामित्व वाली एक कॉर्पोरेट संस्था है।
सूत्रों ने आगे बताया कि जांचकर्ताओं को ऐसे संकेत भी मिले हैं कि पूर्व मंत्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यूनेस्को के नाम पर विभिन्न संगठनों से बड़ी रकम निकाली थी। शहर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हमारी जांच टीम इस बड़े वित्तीय घोटाले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है, जिसमें राशि को इधर-उधर करने के लिए 'शेल कंपनियों' का गठन और उनका इस्तेमाल शामिल है।'
बुधवार शाम को गिरफ्तारी के बाद, सेन को मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय ले जाया गया, जहां जांचकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की। यह पूछताछ जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर की गई और देर रात तक चलती रही।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान सेन ने मुश्किल सवालों से बचने की कोशिश की या फिर विरोधाभासी जवाब दिए। ये आरोप अभी चल रही जांच का हिस्सा हैं और इनकी सच्चाई का पता लगाया जाना बाकी है। कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) यूनेस्को-मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा टूर पास से जुड़े कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रहे हैं।
पुलिस क्या जांच कर रही?
जांचकर्ता कथित वित्तीय लेन-देन, इसमें शामिल संगठनों की भूमिका और फंड को इधर-उधर करने के लिए 'शेल कंपनियों' के संभावित इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये अनियमितताएं कैसे की गईं और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति या संस्था भी शामिल थी।