सभी ब्रिक्स देशों ने भारत की तरफ से प्रस्तावित नवाचार सहयोग कार्ययोजना (2021-2024) पर सहमति जता दी है। केंद्रीय विज्ञान व तकनीक विभाग (डीएसटी) ने शनिवार को बताया कि भारत ने यह प्रस्ताव ब्रिक्स एसएंडटी स्टीयरिंग कमेटी की 12वीं बैठक के दौरान रखा था।
इस बैठक की मेजबानी 8 जुलाई यानी शुक्रवार को डीएसटी ने की थी, जिसमें ब्रिक्स देशों के विज्ञान मंत्रालयों और उससे जुड़ी एजेंसियों ने शिरकत की थी।
डीएसटी के मुताबिक, भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच एक-दूसरे के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और अन्वेषकों व उद्यमियों की नेटवर्किंग के अनुभव साझा करने की योजना प्रस्तावित की थी। इस कार्ययोजना का ब्योरा ब्रिक्स विज्ञान, तकनीकी नवाचार उद्यमिता साझेदारी (एसटीआईईपी) कार्य समूह को तैयार करना है। डीएसटी ने कहा, बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि हर देश के एसटीआई फोकल प्वॉइंट की तरफ से प्रस्ताव ब्रिक्स एसटीआईईपी कार्य समूह को भेजे जाएं।
साथ ही ब्रिक्स अधिकारियों ने बैठक में इस वर्ष के प्रस्तावों के लिए विषयगत क्षेत्रों के बारे में विस्तार से चर्चा की और 10 विषयगत क्षेत्रों में सहयोग के लिए सर्वसम्मति से सहमति जताई।
इन 10 क्षेत्रों में क्षणिक खगोलीय घटनाएं और गहन सर्वेक्षण विज्ञान, रोगाणुरोधी प्रतिरोध : निदान और उपचार के लिए तकनीक, उन्नत सटीक चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सिमुलेशन और वृहद डाटा विश्लेषण, स्थायी विकास के लिए एचपीसी व वृहद डाटा : बड़े पैमाने पर पारिस्थितिक, जलवायु और प्रदूषण की समस्याओं का समाधान आदि शामिल हैं।
भारत की मेजबानी में होगा ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक सम्मेलन
सभी ब्रिक्स देशों ने भारत की मेजबानी में 13 से 16 सितंबर तक बंगलूरू में होने वाले ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के छठे संस्करण के लिए प्रस्तावित थीम्स को भी मंजूरी दी। भारत ने इस सम्मेलन के लिए स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा समाधान और साइबर फिजिकल सिस्टम की तीन थीम्स सुझाई थीं। साथ ही भारत के तकनीकी सम्मेलन में भी ब्रिक्स भागीदारी को आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर भी सभी देशों ने सकारात्मक रुख दिखाया।