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जियाउल हक हत्याकांड: राजा भैया की भूमिका की जांच करेगी सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश किया दरकिनार

Tue, 26 Sep 2023 11:28 PM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने जियाउल की पत्नी परवीन आजाद की याचिका पर ट्रायल कोर्ट के फैसले को बहाल कर दिया। पीठ ने कहा, जांच के निर्देश देने में मजिस्ट्रेट ने कोई त्रुटि नहीं की है। हाईकोर्ट ने पुन: जांच व आगे की जांच के बीच अति तकनीकी नजरिया अपनाया है।  
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राजा भैया (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) जियाउल हक की हत्या में विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की भूमिका की जांच सीबीआई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिसमें राजा भैया सहित पांच के खिलाफ सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। सीबीआई ने अपनी जांच में राजा भैया को क्लीन चिट दे दी थी।

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जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने जियाउल की पत्नी परवीन आजाद की याचिका पर ट्रायल कोर्ट के फैसले को बहाल कर दिया। पीठ ने कहा, जांच के निर्देश देने में मजिस्ट्रेट ने कोई त्रुटि नहीं की है। हाईकोर्ट ने पुन: जांच व आगे की जांच के बीच अति तकनीकी नजरिया अपनाया है। बता दें, हाईकोर्ट ने माना था कि विशेष सीबीआई अदालत का जुलाई 2014 का आदेश ’पुनः जांच’ के समान है।

डीएसपी की मौत...बाकी पुलिसकर्मियों को चोट तक नहीं लगी
चर्चित डीएसपी जियाउल हक हत्याकांड में राजा भैया की भूमिका की जांच कराने से जुड़ी याचिका में परवीन आजाद ने शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका में आरोप लगाया कि सीबीआई ने इस मामले में राजा भैया की भूमिका की ओर इशारा करने वाले महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की है। उन्होंने सवाल किया था कि पुलिस टीम ने मौके पर उनके पति को अलग-थलग कैसे छोड़ दिया, क्योंकि किसी अन्य पुलिसकर्मी को कोई चोट नहीं आई।
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निचली अदालत के आदेश में सीबीआई को यूपी सरकार में तत्कालीन मंत्री राजा भैया, कुंडा नगर पंचायत के तत्कालीन अध्यक्ष गुलशन यादव सहित पांच लोगों की भूमिका की जांच करने के लिए कहा गया था। घटना के तुरंत बाद मारे गए अधिकारी की पत्नी परवीन आजाद ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में इन लोगों का नाम लिया था।

2013 में ड्यूटी के दौरान हुई थी जियाउल की हत्या
जियाउल हक की 2 मार्च, 2013 को ड्यूटी के दौरान हत्या कर दी गई थी। कुंडा के बल्लीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद वह मौके पर पहुंचे थे। शव को गांव लाने पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। राजा भैया के साथी बताए जाने वाले व्यक्ति ने भीड़ में हक को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या की साजिश का आरोप राजा भैया पर लगा था। राजा भैया तत्कालीन सपा सरकार में मंत्री थे और डीएसपी हक ने उनकी हिस्ट्रीशीट खोल दी थी। इससे राजा भैया नाराज थे।

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