कच्छ के नलिया शहर के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एएम शुक्ला ने बिश्नोई को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। एटीएस ने उसके लिए पुलिस हिरासत का आग्रह किया था ताकि समुद्री मार्ग से हेरोइन की तस्करी में उसकी संभावित भूमिका का पता लगाया जा सके। एटीएस गैंगस्टर से पिछले साल सितंबर में गुजरात तट के पास अरब सागर में मछली पकड़ने वाली एक पाकिस्तानी नौका से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत की 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने के संबंध में उसके संभावित संबंधों के बारे में पूछताछ करना चाहती है।
पिछले साल 14 सितंबर को गुजरात एटीएस ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के साथ एक संयुक्त अभियान में कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह के पास समुद्र के बीच मछली पकड़ने वाली एक पाकिस्तानी नौका को रोका था और 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। उस समय 'अल तय्यासा' नाम की नौका पर सवार छह पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया था।
बाद की जांच में पता चला कि हेरोइन को दिल्ली के दो निवासियों सरताज मलिक और जग्गी सिंह उर्फ वीरपाल सिंह की मदद से सड़क मार्ग से दिल्ली और पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों में ले जाया जाना था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गुजरात पुलिस ने यह भी कहा था कि ड्रग तस्करी एक नाइजीरियाई सहित दो तस्करों द्वारा चलाए जा रहे रैकेट के हिस्से के रूप में की जा रही थी, जो वर्तमान में पंजाब की जेलों में बंद हैं।
आठ आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि ड्रग तस्कर मिराज रहमानी और अनी चीफ ओबिना (जो नाइजीरियाई है) जेल में बैठकर रैकेट चला रहे थे। रहमानी कपूरथला की एक जेल और ओबीना अमृतसर की जेल में बंद था। आरोप है कि ये दोनों बिश्नोई के इशारे पर काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि वे व्हाट्सएप और वीओआईपी (इंटरनेट फोन) कॉल का इस्तेमाल कर रैकेट चला रहे थे।