मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों ने पता लगाया है कि भारत में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और इसे ‘डार्कनेट’ और गुप्त और अनियमित मुद्रा बिटकॉइन के जरिए अंजाम दिया जा रहा है।
भारत में बढ़ते मादक पदार्थों की तस्करी और इनके अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए जिम्मेदार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और खुफिया एजेंसियों ने देश में सक्रिय इस तरह के दो आपराधिक तंत्रों को प्रतिबंधित किया है।
एनसीबी के महानिदेशक आरआर भटनागर ने कहा कि हमें देश में सक्रिय ऐसे दो अवैध ड्रग रैकेट का पता चला है, जो नशे के कारोबार के लिए डार्कनेट और बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हमारी जांच में यह भी पता चला कि इनमें से कुछ लोग भारत में मौजूद हैं और हम उनकी तलाश में जुटे हैं। पहली नजर में लगता है कि ये दोनों गिरोह पार्टियों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के तस्करी में लिप्त हैं। इंटरनेट के जरिये बेहद गोपनीय तरीकों से नशीले पदार्थों की तस्करी चिंताजनक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सीमापार से होने वाली हेरोइन की तस्करी में कमी आई है।