गुजरात में पोरबंदर की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में छह लोगों को 20 साल के कठोर कारावास और चार अन्य को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। दरअसल, जुलाई 2017 में गुजरात तट के पास से भारतीय तटरक्षक ने एक व्यापारिक जहाज पर 1,445 किलोग्राम मादक पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़ किया था।
गुजरात के पोरबंदर में विशेष न्यायाधीश पीएच शर्मा की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स बेचने में सफल हो जाता, तो इससे देश के सैकड़ों युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो सकती थी। कोर्ट ने कहा कि इन दवाओं को लेने के बाद युवा गंभीर अपराध करते समय दो बार भी नहीं सोचते हैं। इसके बाद वे असामाजिक और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में भी शामिल हो जाते हैं।
कोर्ट ने व्यापारी जहाज 'हेनरी' पर सवार चालक दल के आठ सदस्यों में से 20 साल की कैद की सजा पाने वाले छह लोगों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जुर्माना जमा करने में विफल रहने पर उन्हें पांच साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। मामले में जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए चार अन्य लोगों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और सभी पर पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने कहा कि जुर्माना जमा करने में विफल रहने पर उन्हें दो साल और छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
13 आरोपियों में से तीन की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी
मामले के कुल 13 आरोपियों में से तीन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई और उनके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया। भारतीय तट रक्षक (आईसीजी) जहाज 'समुद्र पावक' ने 29 जुलाई, 2017 को गुजरात तट के पास खंभात की खाड़ी के पास जहाज को रोका था और उसके चालक दल को हिरासत में ले लिया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से आठ व्यापारी जहाज के चालक दल के सदस्य थे, जबकि पांच अन्य पर लैंडिंग के बाद गुजरात तट पर दवाओं के लिए ग्राहकों और सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने का आरोप था।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपी व्यक्तियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट ने कहा कि जहाज से जब्त किए गए 1,526 पैकेटों में पैक 1,445 किलोग्राम दवाओं में से 1,018 किलोग्राम हेरोइन और 427 किलोग्राम मॉर्फिन पाया गया। आईसीजी ने तब दावा किया था कि यह राज्य में उसकी सबसे बड़ी नशीली दवाओं की खेप में से एक है।
13 आरोपियों में से कौन-किस प्रदेश का?
13 आरोपियों में से छह उत्तर प्रदेश के, तीन मुंबई के, दो पश्चिम बंगाल के और एक-एक बिहार और हिमाचल प्रदेश के थे। जिन छह आरोपियों को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है, उनमें सुप्रीत तिवारी (27), संजय यादव (27), देवेश (23), मुनीश कुमार (27), विनय यादव (27) और मुनीश पटेल (19) शामिल हैं। जिन लोगों को 10 साल की जेल की सजा दी गई है उनमें सुजीत तिवारी (19), विशाल यादव (24), सुलेमान भदेला (47) और सऊद पटेल (26) शामिल हैं।