दुनिया में पहली बार आम नागरिकों का एक बड़ा हिस्सा दैनिक कामकाज में पूरी तरह से ड्राइवरलेस कार का इस्तेमाल शुरू कर देगा। कनाडा के प्रस्तावित शहर द ऑर्बिट में खुद से चलने वाले वाहनों के लिए खास इंतजाम हैं। वहीं, भारत में कई कंपनियां इस वर्ष इसके लॉन्च की तैयारियों में जुटी हैं।
स्वदेशी स्टार्टअप को मिला 17 लाख डॉलर का फंड
सेल्फ-ड्राइविंग कार के क्षेत्र में टेस्ला और गूगल वेमो को टक्कर देने भारतीय स्टार्टअप कंपनी माइनस जीरो मैदान में आई है। भारत में पहली सेल्फ-ड्राइविंग कार लाने के लिए कंपनी को 17 लाख डॉलर का फंड मिला है।
फ्लक्स ऑटो, स्कूटो, अति मोटर्स, नेत्राडाइन, स्वायत्त रोबोट्स जैसी स्टार्टअप कंपनियां भी इस कोशिश में जुटे हैं। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (प्रयागराज) के छात्रों ने भारत की पहली बिना ड्राइवर के चलने वाली कार बनाई है।
पहला इलेक्ट्रिक हाईवे
भारत को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अपना पहला इलेक्ट्रिक हाईवे भी मिलने वाला है। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक अलग से लेन होगी। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे। स्वीडन की कंपनियों से बात चल रही है।