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DRDO: लंबी दूरी के ग्लाइड बम गौरव का सफल परीक्षण; डीआरडीओ ने स्वदेशी तौर पर विकसित किया 1000 किलो का बम

Sat, 12 Apr 2025 04:46 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गौरव के सफल विकास परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना और संबंधित उद्योग भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के ग्लाइड बम के विकास से सशस्त्र बलों की मारक क्षमता में काफी वृद्धि होगी।
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डीआरडीओ - फोटो : ANI
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विस्तार
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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सुखोई विमान से लंबी दूरी के ग्लाइड बम ‘गौरव’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इसके जल्द ही भारतीय वायुसेना में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है। गौरव 1,000 किलोग्राम श्रेणी का ग्लाइड बम है, जिसे डीआरडीओ ने स्वदेशी तौर पर डिजाइन और विकसित किया है।

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रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक किए गए परीक्षणों में करीब 100 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना लगाने में सफलता मिली। सुखोई-30 एमकेआई विमान से लंबी दूरी के ग्लाइड बम (एलआरजीबी) गौरव को दागा गया। परीक्षणों के दौरान, बम से कई स्टेशनों से एकीकृत किया गया और जमीन से लेकर द्वीप तक लक्ष्य साधे गए। डीआरडीओ और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन परीक्षणों में भाग लिया और इनकी समीक्षा की। एजेंसी

सशस्त्र बलों की मारक क्षमता बढ़ेगी : राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गौरव के सफल विकास परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना और संबंधित उद्योग भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के ग्लाइड बम के विकास से सशस्त्र बलों की मारक क्षमता में काफी वृद्धि होगी। इन सफल परीक्षणों से इस घातक हथियार को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। एलआरजीबी को डीआरडीओ के अनुसंधान केंद्र इमारत (हैदराबाद) ने स्वदेशी रूप से विकसित किया।
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