महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को कहा कि कन्या भ्रूण हत्या ने राज्य के कुछ हिस्सों में लिंगानुपात इतना खराब कर दिया है कि भविष्य में द्रौपदी के बारे में सोचना पड़ सकता है। हिंदू महाकाव्य महाभारत की एक पात्र द्रौपदी के पांच पति थे।
पवार पुणे जिले के इंदापुरम में डॉक्टरों की एक सभा में बोल रहे थे। उन्होने कुछ स्त्री रोग विशेषज्ञों की शिकायतों का का हवाला दिया कि प्रसव से पहले परीक्षण में लिंग निर्धारण को रोकने के नाम पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग से उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों को इस तरह के परीक्षणों के बाद भ्रूण के लिंग का खुलासा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे माता-पिता कन्या भ्रूण के के गर्भपात का विकल्प चुन सकते हैं।
शिकायत का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, भले ही उत्पीड़न के मामले सामने आए हों, लेकिन यह भी पता चला है कि अस्पतालों में अवैध चीजें होती हैं। उन्होंने कहा, आप बीड़ की स्थिति जानते हैं (जहां कुछ डॉक्टरों को अवैध गर्भपात रैकेट चलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था)। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। कुछ जिलों में पुरुष और महिला अनुपात 1000 पुरुषों पर 850 महिलाएं है। भविष्य में चीजें मुश्किल हो जाएंगी। किसी को द्रौपदी (एक महिला जिसके कई पति थे) के बारे में सोचना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। लेकिन सरकार उनसे पारदर्शिता की भी उम्मीद करती है। पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि द्रौपदी के उदाहरण से उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।