पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के सीतलकुची के एक बूथ पर इस बार सीआईएसएफ कर्मियों की तैनाती नहीं की जाएगी। चुनाव आयोग ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान इस केंद्रीय बल के कर्मियों द्वारा की गई कथित गोलीबारी और चार लोगों की मौत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए वहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) या भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों को तैनात किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वहां की स्थिति का आंकलन करने के बाद यह फैसला लिया गया है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के बजाय बीएसएफ, सीआरपीएफ या आईटीबीपी को उस बूथ पर तैनात किया जा सकता है।
तीन साल पहले 10 अप्रैल 2021 को सीतलकुची के जोरपातकी की बूथ संख्या-126 के पास सीआईएसएफ कर्मियों ने कथित तौर पर गोलियां चलाई थीं, जिससे चार लोगों की मौत हो गई थी।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मतदान वाले दिन कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के किसी भी प्रयास को नाकाम करने के लिए उच्चतम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कूचबिहार में केंद्रीय बलों की 112 कंपनियों के अलावा 4,500 राज्य पुलिस तैनात करने का फैसला लिया गया है, जो अन्य दो जिलों (जहां 19 अप्रैल को चुनाव होना है) में तैनात बलों की तुलना में करीब दोगुना है।
अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने अलीपुरद्वार में केंद्रीय बलों की 63 कंपनियों के अलावा 2,454 राज्य पुलिस कर्मियों को तैनात करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि जलपाईगुड़ी में केंद्रीय बलों की 75 कंपनियां तैनात होंगी और 3,077 राज्य पुलिस कर्मी तैनात होंगे।